सेना ने दिखाए तेवर तो निकल गयी सारी गर्मी . चीन ने कहा – आर्थिक सम्बन्ध मजबूत रहेंगे भारत से

कई दिनों से भारत-चीन  सीमा  विवाद के बाद इस खबर से  समझा  जा सकता है की चीन अब बैकफुट पर नजर आ रहा है। चीन कभी नहीं चाहेगा की भारत के साथ उसके आर्थिक सम्बन्ध ख़राब हो क्योंकि ऐसा होने से उसे बहुत बड़ा खामियाजा  भुगतना पड़ सकता है। 

बताते चले भारत -चीन के बीच चल रहे सिक्किम सीमा विवाद के बीच सोमवार को नई दिल्ली के एक चीनी दूतावास के अधिकारी ने कहा कि भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक और सांस्कृतिक सम्बन्धो पर डोकलाम का कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा आगे कहा कि डोकलाम में दोनों देशों की सेनाओं के बीच चल रहे गतिरोध का परिणाम भारत-चीन के आर्थिक और सास्कृतिक संबंधों को इसका खामियाजा नहीं भुगतना होगा।

भारत में चीनी दूतावास के आर्थिक और वाणिज्यिक परामर्शदाता कार्यालय के सचिव ली रोंंगरोंग ने कहा कि भारत और चीन दोनों ही लंबे समय से एक-दूसरे का सहयोग करते हैं क्योंकि ये आपस में जुड़े हुए हैं।मामले मेें समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक अज्ञात चीनी दूतावास के अधिकारी का हवाला देते हुए कहा कि भारत और चीन ने हजारों वर्षों से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को कायम रखा है। हम व्यापार व अन्य संबंध भी स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधो पर डोकलाम तनाव का कोई प्रभाव नहीं होगा। 

गौरतलब है कि पिछले चार हफ्ते से दोनों देशों की सेनाओं के बीच भारत, चीन और भूटान के ट्राई जंक्शन पर मौजूद डोकलाम इलाके तनाव जारी है। जानकारी के अनुसार यह तनातनी और लंबी खिंचती जा रही है। क्योंकि भारतीय सेना ने इलाके में तंबू गाड़कर साफ कर दिया है कि वह चीन के दबाव में पीछे हटने वाली नहीं है।विवादित इलाके डोकलाम में मौजूद भारतीय सेना को लगातार आपूर्ति की जा रही है। हालांकि चीन पूरी आक्रामकता के साथ इस बात पर जोर दे रहा है कि वह किसी भी ‘समझौते’ के लिए तैयार नहीं है।ऐसे में चीनी दूतावास के इस बयान से समझा जा सकता है की चीन को अब यह डर  सताने लगा है की उसके आर्थिक व्यापार पर बहुत जल्द  बहुत गहरा असर पड सकता है। 

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