अरब यात्रा के बाद ट्रंप के तेवर मुस्लिमों पर और सख्त.. मुस्लिमों पर प्रतिबंध की लड़ाई अंत तक लड़ी और जीत गए

अपने देश में किसी भी प्रकार से आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे व उसको पाल पोस रहे देशों के लोगों को ना घुसने देने पर आमादा डोनाल्ड ट्रम्प पहले शुरुआती विरोधों और समस्याओं के बाद अब सफल होते दिख रहे . अमेरिका के हितों की रक्षा के लिए डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यों की सूची में सबसे पहले था मुस्लिमों की इंट्री बैन करना जिसमे अब उन्हें शुरुआती सफलता मिलती दिख रही है . अरब यात्रा के बाद कुछ लोग मान रहे थे कि डोनाल्ड ट्रंप का नजरिया मुस्लिमों के प्रति उदार हुआ है पर इस घटना के बाद अब सब ये मान रहे हैं कि उनके तेवर और सख्त हो गए हैं . 

निचली अदालत के फैसले को निरस्त करते हुए अमेरिका की सर्वोच्च अदालत ने डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन की उस अपील को स्वीकार कर लिया जिसमे उन्होंने शीर्ष ६ आतंक पोशद इस्लामिक देश इराक , सीरिया , ईरान , लीबिया ,सोमालिया और सूडान के लोगों के आने जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था . शुरुआत में निचली अदालत ने इस फैसले को अव्यवहारिक बताया था पर सर्वोच्च अदालत ने इस आदेश को सही माना है .

इन्ही कानूनों की कुछ और शर्तें भी हैं जिन पर निचली अदालत में सुनवाई चल रही है . उस पर फैसला आना बाक़ी है पर माना जा रहा है अब इस आदेश के बाद डोनाल्ड ट्रम्प अपने आगे के कार्यकाल में और भी कड़े फैसले और कदम उठा सकते हैं . कोर्ट के अंदर व बाहर इस फैसले का काफी विरोध भी किया गया पर शायद हालिया आतंकी घटनाओं का भी संज्ञान लिया गया और डोनाल्ड ट्रम्प के फैसले को सही माना गया . 

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