उत्तर कोरिया ने मिसाइलें घुमाई चीन की तरफ़. बोला – विश्वास कर लो, बहुत पछताओगे

कभी चीन उसका सहयोगी हुआ करता था क्योंकि चीन उत्तर कोरिया को जापान और अमेरिका के ख़िलाफ़ एक मोहरे के रूप में प्रयोग करता था जिस से उसकी बादशाहत एशिया में कायम रहे , पर इतिहास गवाह है कि चीन कभी भी किसी का भी सगा नहीं हुआ है और अंत मे अपने सहयोगी की पीठ में छुरा भोंका है जिसने भी उस पर जरा सा भी विश्वास किया ..

चीन के इस धोखे का शिकार हुआ उत्तर कोरिया बौखला सा गया है . चीन ने उसकी दोस्ती को तोड़ते हुए अंतराष्ट्रीय मंच पर उत्तर कोरिया पर लगाम लगाने में अपनी भी हामी भरी है जिसे उत्तर कोरिया अपने प्रति एक धोखा मान रहा है . चीन खुद उत्तर कोरिया के बढ़ते सैन्य जखीरों से चिंतितथा इसलिए उसने ऐसा किया ..

उत्तर कोरिया ने अब चीन की तरफ अपने हथियारों का मुंह मोड़ कर कहा है कि उसे इस धोखे की कीमत चुकानी पड़ेगी , उत्तर कोरिया ने चीन को एहसान फरामोश बताते हुए कहा कि उसे अपने पुराने दिन याद करने चाहिए जब उत्तर कोरिया ने तमाम बार बिना किसी से डरे और दबाव के उसका साथ ही नहीं बल्कि खुला सहयोग भी किया .. चेतावनी भरे लहजे में उत्तर कोरिया ने चेताया कि चीन अपनी इस नीचता का गम्भीर परिणाम भोगेगा..

चीन और उत्तर कोरिया के रिश्तों में आई ये खटास अंतराष्ट्रीय स्तर पर सम्बन्धो के नए समीकरण पैदा कर रही है ..

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