पैगम्बर के अपमान का आरोप लगा पाकिस्तान में ईसाई युवक गिरफ्तार .. मौत की सजा तय

उसे तो शायद ये भी नहीं पता की किस बात से भावनाये सम्मानित होंगी और किस बात से भावनाएं भड़केंगी .. पर अब उस पर आरोप है की उसने इस्लाम की तौहीन की है और उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है .. पाकिस्तानी ईशनिंदा के क़ानून के अनुसार उसको मौत की सज़ा निश्चित है जो पहले भी कई बार, कई लोगों के साथ हो चुका है . अल्पसंख्यकों के लिए काल बने एक कानून का अगला शिकार तैयार है पाकिस्तान में ..

ज्ञात हो की पाकिस्तान के लाहौर के एक व्यक्ति को पाकिस्तान की पुलिस ने उसके ईश की निंदा के अपराध में गिरफ्तार किया है . गिफ्तार व्यक्ति जो की लाहौर के एक अस्पताल में सफाई कर्मचारी है , पर इस्लाम की तौहीन का आरोप लगा है . यह घटना लाहौर से लगभग २०० किलोमीटर दूर खैरान की है. यहाँ नदीम अहमद नाम जिसके डिंगा कसबे में बिजली की दूकान है ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया की वहां के अस्पताल में काम करने वाले एक सफाई कर्मचारी जो ईसाई मजहब से ताल्लुक रखता है, ने मुसलमानो के पैगम्बर मोहम्मद की शान में गुस्ताखी की है … 

इस घटना के बाद वहां के मुस्लिम समुदाय में बवाल मच गया और जगह जगह लोग सड़को पर आ गए .. जब पुलिस ने मामले की गंभीरता समझी तो उन्होंने तत्काल ही उस ईसाई युवक को गिरफ्तार कर लिया .. बाद में उस थाने की सुरक्षा भी कड़ी कर दी गयी क्योंकि सूचना मिली की थाने पर हमला कर के चरमपंथी उसका कत्ल कर सकते हैं .. गिरफ्तार व्यक्ति पर ईशनिंदा की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है .. ईशनिंदा का क़ानून और उसकी धाराएं इतनी सख्त हैं की उसमे गिरफ्तार व्यक्ति को मौत की सज़ा मिलना लगभग तय है .. पाकिस्तान में इस क़ानून का उपयोग कर के अक्सर हिन्दुओं को और ईसाइयों को मौत के घाट उतार दिया जाता है जिसमे उसको सरकारी कत्ल करने की छूट जैसी मिली हुयी है .

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