50 अफगानी जवानों को मार कर पाक बोला – तुम्हे मार कर दुःखी हूँ क्योंकि तुम भी मुसलमान थे ..सवाल उठा – फिर भारत के जवान को मार कर खुशी क्यो ?

अफगानिस्तान ने कल जिस सीमा पर फायरिंग कर के 15 पाकिस्तानियो को मार डाला था आज उसी सीमा पर पाकिस्तान ने बमबारी कर के 50 अफगानी जवानों की जान ले ली और 100 से ज्यादा घायल कर दिए ..

सबसे खास बात ये रही कि अफगानी जवानों की जान लेने के बाद पाकिस्तानी सेना का प्रवक्ता मेजर जनरल नदीम अंजुम मीडिया के आगे आता है और बयान देता है कि ये बेहद मजबूरी में उठाया कदम था , हमें अपने मुसलमान भाईयों की मौत का गहरा दुःख है भले ही वो दूसरे देश के थे …

जंग में भी मज़हब को आगे कर के इस तरह के बयान देने के बाद अचानक ही सवाल खड़ा हो गया कि अगर पाकिस्तान अफगानी सैनिकों को मार कर इसलिए दुःखी होता है क्योंकि वो मुसलमान थे तो पाकिस्तान भारतीय जवानों के बलिदान पर जश्न क्या इसीलिए मनाता है क्योंकि वो मुसलमान ना हो कर हिन्दू , सिख , बौद्ध या किसी और मत को मानने वाले जवान हैं ??

पाकिस्तान के इस बयान को सही माना जाय तो क्या ये माना जा सकता है कि भारत का वीर जवान सीमा पर राष्ट्र के साथ धर्म का भी युद्ध लड़ रहा है ?

क्या पाकिस्तान भारत का दुश्मन इसलिए है क्योंकि भारत मे हिन्दू या कोई अन्य मत को मानने वाले रहते हैं जो मुसलमान नहीं हैं ??

पाकिस्तान ने एक भी अफगान जवान के ना तो सर काटे ना ही उनका शरीर क्षत विक्षत किया ,,फिर भारत के जवानों के अंग प्रत्यंग क्या वो सिर्फ इसलिए काटता है क्योंकि वो मुसलमान नही हैं ??

क्या पाकिस्तान भारत पर आए दिन हमला और तीन जंग सिर्फ इसलिए कर चुका क्योंकि उसे भारत को जीत कर एक इस्लामिक देश बनाना है ??

उपरोक्त सवालों में से कई के जवाब पाकिस्तानी मेजर जनरल अंजुम के आज के बयान में खुद ही आ चुके हैं .. जनता से अपील है कि वो समझदारी से काम ले ..

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