आये थे भारत की यात्रा पर. बात की दुनिया भर के मुस्लिम देशों की एकता पर. और खूब बजी तालियाँ

जमीन भी भारत की , लोग भी भारत के फिर भी बात चली पूरी दुनिया में फैले इस्लामिक मुल्कों के एकता की . शायद ही एक बार ये कहा हो की भारत में ही अन्य सभी मत के लोग आपस में मिलजुल कर रहो . 

ये बात हो रही है तुर्की के राष्ट्रपति रज़ब तैयब एर्दोगन की जो भारत के दिल्ली में स्थित जामिया यूनिवर्सिटी के दौरे पर थे . वहां सबसे पहले उन्हें डाक्टर आफ लेटर्ज़ की मांड उपाधि प्रदान की गयी . इस अवसर पर तुर्की के राष्ट्रपति को खिलाफत आंदोलन याद आया जिसमे भारत के मुस्लिमों ने तुर्की के खलीफा के लिए बढ़ चढ़ कर आंदोलन में हिस्सा लिया था . उन्होंने तुर्की की समस्या को अपनी समस्या मान कर उसके लिए आंदोलन करने वाले मुस्लिमों की भूरि भूरि प्रशंशा की . इस अवसर पर उन्होंने इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांधी के भी प्रयासों की जम कर तारीफ़ की .

इस अवसर पर तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा की अगर दुनिया के सारे मुस्लिम राष्ट्र एक हो जाएँ तो वो बड़ी से बड़ी समस्या का चुटकियों में सामना कर सकते हैं . उन्होंने दुनिया भर के मुस्लिमों की एकता पर जोर देते हुए कहा है मुस्लिमों का बिखराव ही उनकी समस्या का मूल कारण है . तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा की मुस्लिम देहों को आपसी गीले शिकवे आपस में मिल कर ही दूर करने चाहिए . तुर्की एक राष्ट्रपति के इस भाषण को वहां मजूद भारतीय मुस्लिमों और बुद्धिजीवियों ने खूब सराहा और उनका भव्य स्वागत करते हुए उनके वक्तव्यों का दिल खोल कर पूर्ण समर्थन किया . 

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