चीन ने छीन लिया मुसलमानों से वो भी अधिकार जो आज तक इजरायल तक ने भी सोचा ना था….

चीन के शिनजियांग प्रांत के काशगर में उइगर के मुसलमानों पर पुलिस ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। क्योंकि कुछ सालों पहले काशगर की एक मस्जिद के बाहर मुसलमानों ने नमाज पढ़ना और रमजान का उत्सव मनाना शुरू कर दिया था, लेकिन तब इस पर रोक लगा दी गई थी। जिसकी वजह से तनाव बना हुआ है। क्योंकि अब लोंगो को मेटल डिटेक्टर से होकर मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए भी गुजरना पड़ेगा। इसी वजह से रोज-रोज के नए-नए नियमो से यंहा के मुस्लिम लोग गुस्से में है। 
वहीं, चीनी सरकार यह कह रही है कि किसी भी तरह के चरमपंथी संप्रदायी बयानों और अलगावादी आंदोलन के मद्देनजर रखते हुए इस तरह के प्रतिबंध और पुलिस को लगाया गया है। जिसकी वजह से उइगर के मुसलमानो में लोगों का दाढ़ी रखना और सार्वजनिक स्थल पर नमाज़ पढ़ना प्रतिबंधित कर दिया है। शिनजियांग प्रांत को लेकर चीन हमेशा से टेंशन में रहता है हमेशा से ही घिरा रहने वाले चीन हांगकांग और तिब्बत जैसे अपने उपनिवेशों के मामले में यह डर सताता रहता है कि कहीं यह मुस्लिम बहुल प्रांत उससे अलग न हो जाए। 
गौरतलब है कि इस राज्य की उइगर मुस्लिम बहुल आबादी, जहां मुसलमान अब एक करोड़ से भी अधिक हैं।इसी वजह से चीनी सरकार को नमाज़ियों से इतना खतरा महसूस होने लगा है उसकि वजह से उसने मस्जिदों में सीसीटीवी लगाव दिए हैं और तो इस चीन ने उइगर मुसलमानों पर कई तरह-तरह के प्रतिबंध लगाए हुए हैं जैसे महिलाओं को बुरका पहनने पर पाबंदी है, साथ ही स्कूल में छात्र एक दूसरे को सलाम (अस्सलामो अलैकुम) नहीं कर सकते।
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