चीन में एक एक करके गिराए जा रहे हैं चर्च… तानाशाही की राह पर जिनपिंग

चीन की पाकिस्तान से दोस्ती का प्रभाव अब वहां के इसाईओं पर कहर बन के टूट रहा है. चीन ने भी पाकिस्तान की तरह गैर मजहबी लोगों के धार्मिक स्थलों को

निशाना बनाना शुरू कर दिया है. उत्तरी चीन के शांक्सी में बनें गोल्डन लैम्पस्टैंड चर्च को चीनी सरकार ने गिराकर वहां रह रहे लाखों इसाईओं की आस्था पर गहरा

आघात किया है. कुछ विशेषज्ञों का कहना है की चीन, भारत और अमेरिका की बढती दोस्ती से तिलमिला गया है.

दूसरी ओर जब से अमेरिका ने पाकिस्तान की

आर्थिक मदद रोकी है तब से वहां इस प्रकार की हरकतें जादा हो रही है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन की सरकार चर्चों को ढहाने का काम

लगातार कर रही है. इसाईओं को वहां पर लगातार निशाना बनाया जा रहा है. जो की बेहद शर्मनाक है. बता दें कि चीन में सभी धर्मों के लिए आजादी है फिर भी

वहां पर अन्य धर्म के लोगों पर अनेक प्रकार की पाबंदियां लगाई जाती है.

 

बता दें की ये पहला मौका नहीं है इससे पहले भी चीन में कई चर्चों को ढहाया जा चूका है. स्थानीय आवास विभाग के अधिकारी ने बताया है कि वर्ष 2009 में

कुछ तथाकथित लोगों ने चर्च का निर्माण कार्य जबरन रोकने की कोशिश की थी .हलाकि बाद में इसे बना लिया गया था. अधिकारी ने कहा कि इस चर्च के निर्माण

के दौरान कई ईसाइयों को गिरफ्तार भी किया गया था.

ख़बरों के अनुसार इस चर्च में तकरीबन 50 हजार सदस्य थे. चीन की आबादी के एक बड़े भाग में करीब 57

लाख लोग कैथोलिक हैं और 2.3 करोड़ लोग प्रोटेस्टेंट रहते है.

चर्च गिराने का वहां के इसाई धार्मिक समूहों ने कड़ा विरोध किया लेकिन फिर भी उनकी एक नही सुनी गयी और उनकी मौजूदगी में ही चर्च को ढहा दिया गया.

विरोध करने वाले धार्मिक समूह के अध्यक्ष बॉब फू का ने कहा कि इस तरह से चर्च गिराने का काम पाकिस्तान का आतंकि संगठन तालिबान और आईएसआईएस

करते हैं.

उन्होंने सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए इसे तालिबानी शैली करार दिया है.

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