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युद्ध नही, युद्ध के अभ्यास से ही डर गया चीन… बोला गलत कर रहा है भारत

बीजिंग : भारत दक्षिण चीन सागर में सिंगापुर के साथ बड़े नौसैन्य अभ्यास कर रहा है। जिससे चीन बौखला गया है। इस मामले में चीन के रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा करके भारत चीन के विवादित मसलों में पड़ने की अपनी नीति से दूर जा रहा है। दरअसल, अपना वह वादा तोड़ रहा है, जिसमें उसने कहा था कि इस संवेदनशील मुद्दे पर वह चीन को उकसाने का काम नहीं करेगा।

दक्षिण चीन सागर में चीन ने कई स्थानों पर कृत्रिम द्वीप बनाकर चीन ने उनमें सैन्य तैनाती की है। उसी सागर के हिस्से में इन दिनों भारत व सिंगापुर की नौसेनाएं संयुक्त अभ्यास कर रही हैं। अभ्यास के दौरान वहां पर पनडुब्बी रोधी उपकरण की तैनाती के भारत के उद्देश्य को भांपते हुए चीनी रक्षा विशेषज्ञों ने कहा है कि यह हिंद महासागर में चीनी पनडुब्बी के भ्रमण का जवाब जैसा है।

सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने पीपल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स में सेवा दे चुके सैन्य विशेषज्ञ सोंग झोंगपिंग के हवाले से कहा कि पनडुब्बी रोधी हथियारों की तैनाती को देखकर लगता है कि अभ्यासों का उद्देश्य स्प्ष्ट तौर पर हिंद महासागर में चीनी पनडुब्बियों को प्रभावित करना है। भारत इन्हें क्षेत्र में अपने प्रभाव के समक्ष एक ‘खतरे’ के तौर पर देखता है।

इसके साथ ही चीन ने कहा था कि यदि इस तरह के संपर्क और सहयोग क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए हों, तो उसे अभ्यासों पर कोई आपत्ति नहीं है। वहीं, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने 19 मई को कहा कि हम बस यही उम्मीद करते हैं कि जब प्रासंगिक देश इस तरह के संपर्क या सहयोग करते हैं तो उन्हें अपने दिमाग में यह बात रखनी चाहिए कि इस तरह की गतिविधियां दूसरे देशों के हितों को नुकसान न पहुंचाएं और इनका क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता पर कोई बुरा प्रभाव न पड़े।

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