फिर से श्रीलंका में भड़क गए दंगे.. मुसलमानों ने शुरू किए श्रीलंकाईयो पर हमले.. स्थिति भयावह

ईसाईयों के त्यौहार ईस्टर पर श्रीलंका के चर्चों तथा होटलों पर सिलसिलेवार इस्लामिक आतंकी हमलों के बाद वहां की स्थितियां सामान्य होती नजर आ रही हैं. श्रीलंका के मुस्लिम तथा ईसाई समुदाय के बीच धर्मयुद्ध छिड़ता हुआ नजर आ रहा है. हमले के बाद जहाँ श्रीलंकाई सुरक्षाबल आतंकियों के खिलाफ सख्त नजर आ रहे हैं तो वहीं ईसाई तथा मुस्लिम समुदाय के बीच देश के कई हिस्सों से सांप्रदायिक हिंसा की ख़बरें भी सामने आई हैं.

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राविवार को एक बार फिर से श्रीलंका के पश्चिमी तटीय पर स्थिति शहर चिला में उस समय सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी जब इस्लामिक कट्टरपंथियों ने सोशल मीडिया पर न सिर्फ ईसाई समुदाय के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की बल्कि उन पर हमले की भी ख़बरें सामने आई. इसके बाद ईसाई समुदाय भड़क उठा तथा मुस्लिमों पर भी जवाबी हमले कर शुरू कर दिए. आक्रोशित भीड़ ने एक मस्जिद पर हमला किया और आस-पास की दुकानों को निशाना बनाया. इसके बाद देखते ही देखते दंगा शुरू हो गया.

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बिगडती हुई स्थिति को काबू करने के लिए शहर में कर्फ्यू लगाया गया है. दोनों समुदायों के बीच यहां शनिवार से तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है. इस महीने की शुरुआत में नेगोम्बो में मुस्लिम और ईसाइयों के बीच हुई झड़प में कई लोग घायल हो गये. यहीं पर सेंट सेबेस्टियन चर्च भी है जिस पर ईस्टर के दिन हमला हुई था. पुलिस प्रवक्ता ने बताया, ‘स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चिला के इलाके में तत्काल प्रभाव से कर्फ्यू लगा दिया गया.’ बताया जा रहा है कि फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट काफी शेयर किया जा रहा है. जिसमें एक फेसबुक यूजर ने लिखा है, ‘हमें रूलाना काफी मुश्किल है’. यह पोस्ट स्थानीय भाषा में लिखी गई है.

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इसके बाद मुस्लिम नाम वाले के एक यूजर ने जवाब में लिखा था, ‘ज्यादा हंसो मत, एक दिन तुम रोने वाले हो. इसके बाद एक जगह से मुस्लिमों द्वारा ईसाईयों पर हमले की भी खबर आई. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि उन्होंने फेसबुक यूजर को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी पहचान 38 साल के हमीद मोहम्मद हसमार के तौर पर हुई है, जो चिलॉ के उस इलाके में रहता है, जहां ईसाई समुदाय के लोगों की संख्या ज्यादा है.

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