बधाई दीजिये मैक्सिको की क्लाडिया को जो अब हैं भारत की “प्रियांशी” .. प्रतीक जी की धर्मपत्नी

इनका हर तरफ स्वागत किया जा रहा है और अब ये भारत की बहू हैं . इन्होने अपने प्यार के साथ वो धर्म को भी अपनाया है जो संसार को शांति , प्रेम और भाईचारे का मार्ग दिखलाता है . इनको भारत की उस भूमि से भी अपने पति के साथ प्यार हुआ है जिस भूमि के खिलाफ यहीं के कुछ ग्द्द्दर कभी जासूसी और कभी नारेबाजी आदि में गिरफ्तार किये जा रहे हैं . इन्होने अपने देश और धर्म दोनों को छोड़ दिया एक नए धर्म के लिए और एक नए देश के लिए .

विदित हो कि अब मैक्सिको में भी बजा है भारत का डंका जहाँ की रहने वाली आईटी इंजीनियर क्लोडिया ने ओढ़ लिया है भगवा और मन रम गया है हिन्दू संस्कृति में . भारत की ये बहू अब मध्य प्रदेश में बस गयी हैं . इनकी ससुराल होगी मध्य प्रदेश का अशोक नगर इलाका जहाँ पर आने वाले ११ मार्च को धार्मिक विधि विधान के साथ इसी शहर के गल्ला व्यापारी सुरेंद्र जैन के बेटे प्रतीक जैन ‘गोल्डी के साथ होगा और दोनों जन्म जन्मान्तर के लिए एक दूसरे के हो जायेंगे . मैक्सिको से क्लोडिया उर्फ प्रियांशी भी अशोकनगर पहुंची है। विवाह की रस्में पूरी की जा रही हैं।

ये विवाह पहले एक स्थानीय होटल में होगा जिसमे देश विदेश के लोग सम्मिलित होंगे फिर बाकी विधि विधान होंगे क्लाडिया की ससुराल अर्थात प्रतीक के घर पर . जैन परिवार की इस विदेशी बहू अब जानी जायेगी प्रियांशी के नाम से .प्रतीक के पिता सुरेंद्र जैन ने बताया कि प्रियांशी उर्फ क्लोडिया की ओर से जैन परिवार की महिलाएं और पुरुष बारात की अगवानी करेंगे। क्लोडिया मैक्सिको सिटी के योलांडा मेंडोजा बैलोन की पुत्री हैं। क्लोडिया के पिता का निधन हो गया है, उनके दो भाई हैं।  प्रियांशी अर्थात क्लाडिया का पति प्रतीक अपनी पत्नी से आईटी कंपनी में मिला जहाँ से दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और यह मुलाकातें आगे बढ़ती गईं और दोनों ने एकसाथ जीवन व्यतीत करने का निर्णय लिया।

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