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2018 नोबेल शांति पुरस्कारों की हुई घोषणा… यौन उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष करने वाले डेनिस मुक्वेगे और नादिया मुराद बने विजेता

2018 के नोबेल शांति पुरस्कारों की घोषणा हो चुकी है जिसमें यौन उत्पीड़न के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ने वाले डेनिस मुक्वेगे और नादिया मुराद को इस साल के लिए शांति पुरस्कार से नवाजा गया है. युद्ध और सशस्त्र संघर्ष के दौरान यौन हिंसा को हथियार के रूप में इस्तेमाल को समाप्त करने के प्रयासों के लिए डेनिस मुक्वेज और नादिया मुराद को 2018 नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. आपको बता दें कि यह पुरस्कार हर साल उस संस्था या व्यक्ति को दिया जाता है, जिसने विश्व शांति के लिए सबसे ज्यादा कोशिश या योगदान दिया हो.

नोबेल पीस प्राइज ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘2018 नोबेल शांति पुरस्कार विजेता डेनिस मुक्वेगे ने युद्ध के समय यौन हिंसा के पीड़ितों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया है. उनकी साथी नादिया मुराद को भी इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जिसने खुद और दूसरों के खिलाफ दुर्व्यवहार के बारे में जिक्र किया है.’ नोबेल कमेटी ने कहा कि उन दोनों ने पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए युद्धग्रस्त इलाकों में खुद की जिंदगी को जोखिम में डालकर काम किया है.

नॉर्वे की नोबेल समिति ने कहा कि युद्ध और सशस्त्र संकट के दौरान यौन हिंसा को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने से रोकने के लिए इन दोनों ने जो प्रयास किए हैं, उनके लिए उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जा रहा है. डेनिस मुकवेगे ने अपना पूरा जीवन यौन हिंसा की शिकार हुई पीड़ित महिलाओं के इलाज में लगा दिया. नादिया मुराद की बात करें तो वह इराक के अल्पसंख्यक यजीदी समुदाय से आती हैं। उन्हें इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों ने अगवा कर लिया था और कई बार उनका दुष्कर्म किया.  मानवाधिकारों के लिए उठने वाली सबसे सशक्त आवाजों में शामिल हैं. नादिया के नाम की घोषणा करते हुए कमिटी ने कहा कि ‘अपने ऊपर हुई ज्यादतियों को याद करते हुए उन्होंने असीम बहादुरी दिखाई थी.’

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