चीन के अधिकारी छोड़ रहे भारत.. डोकलाम के बाद भारतीयों में जगे राष्ट्रवाद से सहमे


भारत और चीन के बीच चल रहे डोकलाम विवाद का असर हर जगह दिखाई दे रहा है। आए दिन ये विवाद कोई न कोई नया मोड़ ले रहा है। इस विवाद से भारत और चीन के संबंध काफी हद तक ख़राब हो चुके है। भारत से मुकाबला करने के लिए चीन ने हर बार नए हथकंडे अपनाये लेकिन हमेशा असफल ही रहे। चीन की धमकियां और आरोप लगाने का सिलसिला चलता ही रहा इतना ही नहीं भारत के खिलाफ चीन पाकिस्तान से भी मिल बैठा।

चीन बस धमकियां ही दे सकता करने की तो दूर दूर तक सोच भी नहीं सकता है। सही कहा गया है कि गरजने वाले बदल कभी बरसते नहीं और जो बरसते है वो कभी गरजते नहीं। चीन गरजने वालो में से है जो सिर्फ आरोप ही लगा सकता है क्योंकि उसे पता है कि भारत के आगे वो कुछ भी नहीं है। चीन अब भारत से डर कर मैदान छोड़ कर भाग रहा है। चीन के सारे प्रयास विफल रहे और उसे भारत के आगे झुकना ही पड़ा।
बता दें कि डोकलाम विवाद के चलते अब चीनी कर्मचारी भारत छोड़कर वापस लौट रहे है। यह मोदी की विदेश निति और मोदी का दाहिना हाथ कहे जाने वाले अजीत डोभाल का असर है कि चीन बिना एक गोली चलाये वापस लौट गया ऐसा आज तक के इतिहास में कभी नहीं हुआ। भारत और चीन के बीच चल रही आपसी मनमुटाव के दौरान स्मार्टफोन सेल में गिरावट के चलते भारत से चीनी कर्मचारी हटाने का फैसला लिया।
चीनी मोबाइल कंपनी Oppo और Vivo के 400 चीनी कर्मचारी भारत छोडकर वापस लौट रहे है। भारत में चल रहे चीनी उत्पादों के बहिष्कार के कारण भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में जुलाई और अगस्त के दौरान Oppo और Vivo की सेल 30 फीसदी तक गिरी है। कंपनी का आरोप है कि भारतीय बाजार में चीनी उत्पात विरोधी मानसिकता के चलते उसे सेल में गिरावट देखनी पड़ रही है। भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में जुलाई और अगस्त के दौरान Oppo और Vivo की सेल 30 फीसदी तक गिरी है।
इस गिरावट के लिए ये कंपनियां मान रही है कि चीन विरोधी सेंटिमेंट के चलते उससे जुड़ी दर्जनों चीनी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां भारतीय स्मार्टफोन बाजार के अपने बड़ें केन्द्रों से चीनी कर्मचारियों को वापस भेज रहे हैं। दोनों Vivo और Oppo की भारतीय स्मार्टफोन बाजार में क्रमश: 13.2 और 9.2 फीसदी की हिस्सेदारी है। इन दोनों Vivo और Oppo के दूसरी मोबाइल कंपनी के साथ संबंध होने का असर अन्य कंपनियों की सेल पर भी पड़ा।
गौरतलब है कि हाल ही में चीन के अलीबाबा ग्रुप की भारत में इकाई यूसी वेब (यूसी ब्राउजर) पर भारतीय ग्राहकों की जानकारी चीन सरकार को देने का आरोप लगा था। भारत इस बात की जानकारी में लगा हुआ है। इस दौरान चीफ मार्केटिंग ऑफिसर विवेक झांग भी चीन के लिए रवाना हो चुके हैं. गौरतलब है कि विवेक झांग वहीं चीनी कर्मचारी हैं जिन्होंने Vivo और इंडियन प्रीमियर लीग की डील में अहम भूमिका निभाई थी।

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