सामने आया न्यूजीलैंड की मस्जिदों को खून से रंग देने वाले व्यक्ति का चेहरा… लैंड जिहाद तथा धर्मान्तरण के विरोध में बरसाई गोलियां

न्यूजीलैंड  के क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में हुई फायरिंग में मृतकों की संख्या बढ़कर 49 हो गई है. जिस तरह से हमलावर ने इस घटना को अंजाम दिया तथा इसके पीछे के जो कारण गिनाये, उससे कई तरह के सवाल खड़े रहे है. ब्रेंटन टैरंट नामक जिस व्यक्ति ने इस  को अंजाम दिया तथा मस्जिद में अंधाधुंध फायरिंग की, उसका चेहरा सामने आ गया है. ब्रेंटन टैरंट ने  कहा है कि लैंड जिहाद तथा धर्मान्तरण के विरोध में उसने इस  घटना को अंजाम दिया है.

ख़ास बात ये है कि इस घटना को 17 मिनट तक फेसबुक पर लाइव दिखाया गया और ये काम खुद हमलावर ने किया. इस वीडियो को फेसबुक पर लाइव दिखाते हुए हमलावर ने अपना नाम ब्रैंटन टैरेंट बताया. 28 साल के इस हमलावर ने बताया कि उसका जन्म ऑस्ट्रेलिया में हुआ है. फिलहाल पुलिस ने इस वीडियो को सोशल मीडिया से हटवा दिया है. इस घटना की लाइवस्ट्रिमिंग हमलावर ने उस वक्त शुरू किया, जब वो अल नूर मस्जिद में के बाहर गाड़ी पार्क कर रहा था. 17 मिनट के इस वीडियो में देखा गया कि ढेर सारे हथियार और विस्फोटक लेकर वो गाड़ी में आगे की सीट पर बैठा था. उसके पास पेट्रोल के कंटेनर भी थे. गाड़ी से उतरते ही उसने सबसे पहले मस्जिद की गेट पर फायरिंग की. इसके बाद तो वो ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने लगा. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था. लोग भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हमलावर लगातार गोलियां बरसा रहा था. बार-बार वो अपनी बन्दूक में गोलियां लोड कर रहा था.

मीडिया के मुताबिक टन टैरेंट नाम के 28 वर्षीय युवक ने मस्जिद पर हमला किया था. वह ऑस्ट्रेलिया का रहने वाला है. हमलावर ने इस हमले से पहले एक सनसनीखेज मैनिफेस्टो ‘दे ग्रेट रिप्लेसमेंट’ लिखा था. इस मैनिफेस्टों में उसने आतंकी हमलों में यूरोपीय नागरिकों की जान जाने का बदला लेने की बात कही है.  हमला करने से पहले उसने लिखा, “अटैक करने वालों को दिखाना है कि हमारी भूमि कभी उनकी नहीं होगी. हमलावर ने लिखा, मैं मुस्लिमों से घृणा नहीं करता हूं, लेकिन उन मुस्लिमों से घृणा करता हूं जो हमारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं और धर्म परिवर्तन कर रहे हैं.’

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