अब फ़्रांस ने पाकिस्तान को दिखाए दिन में तारे.. “मोदी विदेश क्यों जाते हैं” सबको मिल गया जवाब


भारत के विपक्षी दल तथा पीएम मोदी के विरोधी अक्सर सवाल खड़े करते रहते थे कि मोदी जी इतनी विदेश यात्राएं क्यों करते हैं? पीएम मोदी जब जब विदेश यात्राओं पर गए, विपक्ष तथा कथित बुद्धिजीवियों ने न सिर्फ इस पर सवाल उठाये बल्कि पीएम मोदी का मजाक भी उड़ाया. लेकिन पीएम मोदी की इन विदेश यात्राओं से देश को क्या फायदा हुआ है, पीएम मोदी विदेश क्यों जाते हैं, ये सारे प्रश्न पूंछने वालों को भारत ने नहीं बल्कि दुनिया के ताकतवर मुल्क फ़्रांस ने जवाब दिया है.

खबर के मुताबिक़, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के मुद्दे पर भारत को फ़्रांस का साथ मिला है. कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने को लेकर फ़्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों ने भारत का समर्थन किया है. फ्रांस ने साफ कहा है कि भारत ने कश्मीर पर जो फैसला किया है वो उसकी संप्रभुता का निर्णय है और फ्रांस इस मुद्दे पर भारत के साथ है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों ने कहा कि कश्मीर भारत-पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा है इसलिए किसी भी तीसरे देश को इसमें नहीं आना चाहिए. मैक्रों ने ये भी कहा कि वो कश्मीर पर द्विपक्षीय बातचीत के लिए पाकिस्तान से बात करेंगे. इससे पहले फ्रांस ने यूएन में भी कश्मीर पर भारत का समर्थन किया था.

फ्रांस के दौरे पर गये पीएम मोदी के साथ हुई वार्ता के बाद एक साझा बयान में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें जम्मू कश्मीर पर भारत द्वारा लिये गये हाल के फैसले से अवगत कराया और यह भी बताया कि यह भारत की संप्रभुता से जुड़ा है. मैंने उनसे कहा कि भारत और पाकिस्तान को इस मुद्दे का समाधान निकालना होगा और किसी तीसरे पक्ष को इस क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए या हिंसा को भड़काना नहीं चाहिए. मैं कुछ दिनों बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी बात करूंगा और उनसे कहूंगा कि वार्ता द्विपक्षीय होनी चाहिए.” फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कि फ्रांस अगले महीने भारत को 36 राफेल लड़ाकू विमानों में से पहले विमान की आपूर्ति कर देगा.

मैक्रों के बयान के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच दोस्ती किसी स्वार्थ पर नहीं टिकी है, बल्कि यह ‘स्वतंत्रता, समानता और भाइचारे के ठोस सिद्धांतों पर आधारित है. मोदी ने कहा, ”दोनों देश लगातार आतंकवाद का सामना कर रहे हैं. हमारा इरादा आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को व्यापक बनाना है. फ्रांस और भारत जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण और प्रौद्योगिकी समावेशी विकास की चुनौतियों का सामना करने के लिए एक साथ खड़े हैं. हम सब मिलकर एक सुरक्षित और समृद्ध दुनिया का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं.”

दो दिनों के दौरे पर जी-7 समिट में हिस्सा लेने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युल मैक्रों के बीच द्विपक्षीय बात हुई तो बात कश्मीर पर भी हुई. वो कश्मीर जो भारतमाता का मणिमुकुट है तथा जिसका रोना पाकिस्तान हर दहलीज़ पर रो रहा है. उसी कश्मीर पर फ्रांस ने दुनिया को बता दिया और पाकिस्तान को चेता दिया कि वो हिंदुस्तान और उसके प्रधानमंत्री मोदी की नीति और नीयत के साथ खड़ा है इसलिए बेहतर है कि इमरान अपनी उछल कूद कश्मीर पर बंद कर दें.


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