दुनिया के सबसे ताकतवर देश की असेंबली में गूंजे पवित्र श्रीमद्भगवद् गीता के श्लोक.. कुछ सेक्यूलर देशों में इसे बता दिया जाता भगवाकरण

ये अगर सेक्यूलर भारत में हुआ होता तो शायद देश का लोकतंत्र ही खतरे में आ जाता, संवैधानिक मूल्यों की धज्जियां उड़ाने वाला बता दिया गया होता, भगवाकरण की कोशिश करने वाला प्रयास बता दिया गया होता. लेकिन ये हुआ है दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क अमेरिका की असेंबली में. आपको बता दें कि भारतीय सनातन संस्कृति की महत्ता एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय पटल पर स्थापित और गौरवान्वित हुई है.

अमेरिका की लोआ असेंबली की सुबह की प्रार्थना पूज्य गीता के श्लोक एवं वैदिक मंत्रों से हुई. तकरीबन तीन मिनट की प्रार्थना में वैश्विक सर्वमंगल, सर्वकल्याण की कामना निहित रही. विश्व हिंदू परिषद के विदेश विभाग प्रमुख पं.कृष्ण कुमार पांडेय ने ओम से शुरुआत के बाद पहले गीता के श्लोक ‘त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव’ का पाठ किया. इसी क्रम में वैदिक मंत्र और अंत में ‘सर्वे भवंतु सुखिन: सर्वे संतु निरामया’ के पाठ और शांति की कामना के साथ सुबह की प्रार्थना कराई. बाद में उन्होंने ‘ओ लार्ड यू आर माई मदर, ओ लार्ड यू आर माई फादर..’ कहकर प्रार्थना में कहे गए श्लोक और मंत्रों का अर्थ भी बताया.

यह भारतीय सनातन संस्कृति के लिए गर्व का विषय है कि गीता के श्लोक तथा वैदिक मंत्रों के साथ अमेरिका की लोआ असेंबली की शुुरुआत हुई. लोआ सीनेट ऐंड हाउस ऑफ द रिप्रेंजेटेटिव्स की ओर से सुबह की प्रार्थना के लिए पंडित कृष्ण कुमार को सीनेटर हरमन क्यूरमबैच, अमेस की रिप्रेंजेटेटिव लीजा हेडेंस और मैरीन की रिप्रेंजेटेटिव स्वाति दांडेकर की ओर से आमंत्रित किया गया था. इसी के साथ अमेरिकन असेंबली में पहली बार हिन्दू प्रार्थना का इतिहास रचा गया.

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