शक्ति को संसार का सलाम.. पाकिस्तान को रौंदने के बाद एक ही मेज के सामने बैठे हैं महाशक्ति रूस, चीन व भारत के विदेश मंत्री

भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान को रौंदने के बाद वीर रस के विख्यात कवि डॉ हरिओम पंवार की एक कविता की कुंछ पंक्तियाँ अनायास की याद आ रही हैं, जिसमें उन्होंने है कि

दुर्बलता के दामन में तो केवल लाचारी सोती है,                                                                                                                            जिनके बाजू में ताकत है आजादी उनकी होती है!                                                                                                                          मजबूरी पली अहिंसा की बेटी कायरता होती है,                                                                                                                            दुनिया में ताकत के बल पर रक्षित मानवता होती है!

ये बात आज के भारत को समझ आ चुकी है कि अगर पाकिस्तान के नापाक इरादों को नेस्तानाबूद करना है तो शांति के श्वेत कबूतर नहीं उड़ाने हैं बल्कि हथियारों से जवान देना है. पुलवामा हमले के बाद यही किया भारत ने जब भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान पाकिस्तान में  घुसे तथा भीषण बमबारी करते हुए 300 से आ इस्लामिक आतंकियों को लाश में बदल दिया. इसके बाद दुनिया से जैसी प्रतिक्रया आई, उसने भी इस बात को परिलक्षित किया कि शौर्य को, साहस को, शक्ति को दुनिया सलाम करती है. पाकिस्तान में घुसकर की गई भारत  की कार्यवाई के बाद दुनिया भारत का समर्थन कर रही है तथा पाकिस्तान को नसीहत दे रही है. इससे  पहले फ़्रांस, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, ब्रिटेन ने भी भारत का समर्थन किया तथा कहा पाकिस्तान को नसीहत दी कि उसको आतंकियों के खिलाफ कार्यवाई करनी चाहिये.

पाकिस्तान को रौंदने के बाद दुनिया की महाशक्ति रूस, चीन तथा भारत के विदेश मंत्री एक मेज के सामने बैठे जहाँ सुषमा स्वराज ने दहाड़ कर कहा कि हाँ हमने पाकिस्तान में आतंकियों को नेस्तनाबूद किया है क्योंकि वो भारत के लिए खतरा थे. और जो भी भारत के लिए खतरा बनेगा.. भारत उसके खिलाफ कार्यवाई करेगा. बता दें कि भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज चीन तथा रूस के विदेश मंत्रियों से मीटिंग के लिए चीन गई हुई है. पहले पाकिस्तान में वायुसेना के पराक्रम तथा शौर्य, इसके भारत के तेवरों को देख चीन ने भी भारत की कार्यवाई का समर्थन किया तथा पाकिस्तान को आईना दिखाया. रूस ने हमेशा की तरह भारत का साथ देने की बात दोहराई.

जिस तरह से भारत की कार्यवाई का चीन ने समर्थन करते हुए पाकिस्तान को नसीहत दी है, उससे दुनिया में हिंदुस्तान की बढ़ती ताकत का अंदाजा साफ़ लगाया जा सकता है. वो चीन जो अक्सर पाकिस्तान का साथ देता रहा है वो भी अब भारत का समर्थन करता नजर आ रहा है. भारत की कार्यवाई के बाद पाकिस्तान ने चीन से बात की तो चीन से साफ़ कह दिया कि पाकिस्तान आतंक के खिलाफ खुद एक्शन ले तथा भारत को लेकर संयम बरते. पाकिस्तान को लेकर चीन की इस नसीहत के मायने साफ़ हैं कि चीन भारत की ताकत को स्वीकार कर रहा है. हालाँकि वैसे तो चीन को भारत की ताकत का अंदाजा डोकलाम में ही हो गया था जब भारत ने चीन को पीछे हटने को मजबूर कर दिया था. और अब जब भारत के पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों की कब्र खोदी है, उसने चीन को अपना नजरिया बदलने को मजबूर कर दिया है.

खबर के मुताबिक़, आज सुबह विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने वुज़ेन में चीन के विदेश मंत्री वांग ली और रूसी विदेश मंत्री से मुलाकात की. यहां उन्होंने पुलवामा में हुए आतंकी हमले का जिक्र किया और कहा भारत आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति रखता है. भारत की एयरस्ट्राइक का जिक्र करते हुए सुषमा स्वराज ने चीनी विदेश मंत्री के सामने कहा, ‘’ मेरा चीन का दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब भारत दुख और गुस्से से भरा हुआ है. कुछ दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था.’

सुषमा ने कहा कि इस आतंकी हमले को पाकिस्तान से चलने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने अंजाम दिया था. जिसका जवाब भारत ने दिया है. सुषमा ने चीन को बताया कि जब पाकिस्तान ने जैश के खिलाफ कोई कड़ा कदम नहीं उठाया, तो भारत ने ऐसा कर दिया. सुषमा ने मंगलवार तड़के भारत के द्वारा की गई एयरस्ट्राइक की जानकारी रूस और चीन के विदेश मंत्रियों को देते हुए बताया कि पुख्ता इनपुट मिलने के बाद भारत की वायुसेना ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी अड्डों के खिलाफ कार्रवाई की, इसमें कई आतंकवादी मारे गए हैं तथा आगे भी भारत की संप्रुभता के दुश्मनों से ऐसे ही निपटेगा. इसके बाद रूस ने बिना तर्क के भारत का समर्थन किया तो चीन ने भी आतंक के खिलाफ सहयोग की बात कही तो भारत की विदेश नीति की भी बड़ी जीत  है.

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