एक और हिन्दू बालिका जबरन मुसलमान बनाई गई इस्लामिक मुल्क पाकिस्तान में.. लेकिन उसकी चीख दब रही कथित धर्मनिरपेक्षता के ढोल में

इस्लामिक मुल्क पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दू समाज की क्या हैसियत है, उनके साथ किस तरह का क्रूरतम व्यवहार किया जाता है, इसका सनसनीखेज उदहारण पाकिस्तान से सिंध प्रान्त से सामने आया है, जहाँ के थारपारकर के सलाम कोट क्षेत्र से 16 वर्षीय नाबालिग हिन्दू लड़की अनुषा मेघवार का पहले अपहरण किया गया फिर उसका जबरन इस्लाम में धर्मान्तरण कराया गया और एक मुस्लिम से उसका निकाह करा दिया गया. आश्चर्य की बात ये है कि इस मामले पर न तो कोई धर्मनिरपेक्षता का पैरोकार बोला और न ही कोई बुद्धिजीवी.

खबर के मुताबिक़, के मुताबिक, जिस मुस्लिम व्यक्ति से अनुषा मेघवार की शादी हुई है, उसे एक स्थानीय मुस्लिम धर्मगुरु का समर्थन मिला हुआ है. इससे पहले इस मौलवी ने कथित रूप से कई हिंदू अल्पसंख्यक लोगों के धर्मांतरित किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, थारपारकर इलाके में कम से कम 80 फीसदी लोग हिंदू धर्म से ताल्लुक रखते हैं. पाकिस्तान में हिंदू आबादी कई एंटी हिंदू ग्रुप्स का अक्सर शिकार होती है, जो उन्हें अपहरण, बलात्कार, जबरन धर्मांतरण और विवाह के लिए मजबूर करते हैं तथा पाकिस्तान में पुलिस इस प्रकार के मामले बहुत कम दर्ज करती है.

पाकिस्तान में हिन्दू हितों के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ता कपिल देव ने कहते हैं कि अनुषा की जबरन शादी ने एक बार फिर इलाके के हिंदू समुदाय को एक संदेश दिया है कि उनके बच्चे पाकिस्तान में सुरक्षित नहीं हैं और उन्होंने 1947 में सिंध में रहने के लिए एक गलत फैसला लिया था. बता दें कि भारत में पिछले कई सालों से बड़ी संख्या में पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी रह रहे हैं, जो अत्याचार की वजह से हिंदुस्तान आये हैं. भारत में रह रहे पाकिस्तानी हिन्दू शरणार्थी बताते हैं कि वहां मुस्लिम कट्टरपंथी और हिंदू विरोधी संगठन उन्हें न सिर्फ परेशान करते हैं, बल्कि बलात्कार, जबरन धर्मांतरण और विवाह के लिए मजबूर तक करते हैं.

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