दुनिया को राह दिखा रहा है भारत महाशक्तियों के सम्मेलन में. मोदी ने दिखाई आतंक से लड़ने की राह

जर्मनी के हैमबर्ग में हो रहे जी-20 सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित उभरती अर्थव्यस्थाओं वाले देशों के प्रतिनिधी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम की शुरुआत बहुत अच्छी हुई है और प्रधानमंत्री मोदी ने जी-20 देशों द्वारा आतंकवाद का मुकाबला करने के एक्शन प्लान की सराहना की और 10 सूत्रीय एजेंडा पेश किया। 
हम आपको बताते हैं क्यो है वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेश किए गए 10 सूत्रीय एजेंडे-
1. आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों के विरुद्ध कार्रवाई अनिवार्य। ऐसे देशों के अधिकारियों का G-20 देशों में एंट्री पर प्रतिबंध जरूरी।
2. संदिग्ध आतंकवादियों की राष्ट्रीय सूची का जी-20 देशों के बीच अदला-बदली। नामांकित आतंकवादियों तथा उनके समर्थकों के विरुद्ध साझी कार्रवाई।
3. आतंकवादियों से संबंधित प्रभावकारी सहयोग के लिए, कानूनी प्रक्रिया जैसे कि प्रत्यर्पण को सरल और शीघ्र पूरा करना।
4. अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर 1996 के ‘कॉम्प्रिहेंसिव कन्वेंशन’ के सुझावों को शीघ्र अपनाना।
5. संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं का प्रभावी क्रियान्वयन।
6. कट्टरता को समाप्त करने वाले कार्यक्रमों पर जी-20 द्वारा साझा प्रयास। 
7. FTAF तथा अन्य प्रक्रियाओं द्वारा वित्तपोषित आतंकवाद तथा अन्य माध्यमों पर रोक।
8. FTAF की तरह एक हथियारों तथा ‘एक्सप्लोसिव एक्शन टाक्स फोर्स’ का गठन ताकि आतंकवादियों तक पहुंचने वाले खतरनाक हथियारों के स्रोतों को रोका जा सके।
9. जी-20 देशों के बीच आतंकवादी गतिविधियों पर केंद्रित साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में ठोस कदम उठाना और सहयोग देना।
10. जी-20 देशों के बीच ‘नेशनल एडवाइजर्स ऑन काउंटर टेररिज्म’ के एक तंत्र का गठन।
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