एक चेतावनी भारत ने पहले ही दी थी सेक्यूलर श्रीलंका को.. लेकिन अब वो आधिकारिक रूप से बोला कि- “काश हम मान लिए होते”


श्रीलंका में चर्चों तथा होटलों पर हुए सीरियल बम धमाकों को लेकर चौकाने वाली खबर सामने आई है. सूत्रों के हवाले से मिल रही खबर के मुताबिक़, श्रीलंका के पुलिस चीफ ने दस दिन पहले ही देशभर में यह अलर्ट जारी किया था कि रविवार से पहले आत्मघाती हमलावर देश के प्रमुख चर्चों को निशाना बना सकते हैं. यहीं भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने श्रीलंका को हाई अलर्ट जारी किया था तथा चेतावनी दी थी लेकिन श्रीलंका ने भारत की चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया. अब श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने भी इस पर मुहर लगा दी है.

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श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने मीडिया से कहा, ”जांच एजेंसियों के पास इस तरह के हमले का अंदेशा पहले से ही था. लेकिन उन्‍होंने न तो ये जानकारी शेयर की और न ही इसपर कोई ठोस कदम उठाया. सरकार इसकी जांच करेगी कि पहले से पर्याप्‍त जानकारी होने के बाद सावधानी क्‍यों नहीं बरती गई. देश के कैबिनेट को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई थी?” उन्होंने कहा, ‘इस घटना के पीछे जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, वे स्‍थानीय हैं. लेकिन, ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसके पीछे कहीं ‘विदेशी कनेक्‍शन’ तो नहीं है.’

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भारत ने श्रीलंका को 4 अप्रैल को ही चेतावनी दे दी थी आत्मघाती हमलावर हमले को अंजाम देने की फिराक में है. खुफिया जांच एजेंसियों के अनुसार नेशनल तौहीद जमात के जहरान हासिम और उसके साथियों ने मिलकर आत्मघाती हमलों को अंजाम देने के लिए योजना बनाई थी. इस पूरी करतूत को करने से पहले उन्होंने इसके लिए एक रिहर्सल किया था. साथ ही 16 अप्रैल को विस्फोटक से भरी एक मोटरसाइकिल भी कतांनकुड़ी के पास पालमुनाई छोड़ दी थी.

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जानकारी के अनुसार आतंकियों की योजना थी कि हमला 22 अप्रैल से पहले या बाद में हो. साथ ही उन्होंने रैकी कर ऐसे आठ स्थलों (जिनमें चर्च और होटल थे) को चुना था जहां पर बड़ी संख्या में भारतीय आते हों. इस संबंध में नई दिल्ली से भी कोलंबो को 4 अप्रैल को ही जानकारी दे दी थी. इसके बाद श्रीलंका के पुलिस चीफ पुजुथ जयासुंदरा ने 11 अप्रैल को ही एक चेतावनी आला अफसरों को दी थी. उनके अनुसार एक विदेशी जांच एजेंसी के अनुसार नेशनल थोहीथ जमात (एनटीजे) आत्मघाती हमलावरों को देश के प्रमुख चर्चों में भेज धमाके करने की साजिश रच रहा है.

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श्रीलंका को चेतावनी दी गई थी कि इसके साथ ही एनटीजे के निशाने पर कोलंबो में स्थित भारतीय उच्चायोग भी है लेकिन भारत  की इस चेतावनी को नजरअंदाज करना श्रीलंका को भारी पड़ गया तथा आतंकियों ने श्रीलंका में लाशें बिछा दी. गौरतलब है कि श्रीलंका की राजधानी कोलंबो सहित देश के कई हिस्‍सों में रविवार सुबह 8:45 बजे (स्‍थानीय समयानुसार) एक के बाद एक आठ ब्‍लास्‍ट हुए. ईसाइयों के पर्व ईस्टर के दिन चर्च और होटलों को निशाना बनाया गया. इन धमाकों में अब तक कम से कम 290 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 500 से ज्‍यादा लोग घायल हैं. ये आंकड़ा अभी बढ़ भी सकता है.

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