रूस से मिसाइल खरीदने पर चीख रहे अमेरिका को इस अंदाज में खामोश करवाया भारतीय विदेश मंत्री ने.. संदेश साफ- “राष्ट्र सर्वप्रथम”

भारत द्वारा रूस से एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम S-400 खरीदने की डील फाइनल होने के बाद चीख रहे अमेरिका को भारत ने दो टूक जवाब दिया है. भारत ने अमेरिका को सफा कर दिया है कि भारत सरकार वही करेगी जो उसको उचित लगेगा क्योंकि हमारे लिए राष्ट्र सर्वोपरि है. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो को भारत ने दो टूक बता दिया है राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में इंडिया वही करेगा जो उसके राष्ट्रहित में होगा.

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भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने माइक पोम्पियो के साथ लंबी द्विपक्षीय वार्ता के दौरान भारत के रूख से अमेरिका को साफ-साफ का कि ‘हमारे कई देशों से संबंध हैं…जिनका एक इतिहास है. हम वही करेंगे जो हमारे राष्ट्रीय हित में है और उस रणनीतिक साझेदारी का एक हिस्सा प्रत्येक देश की क्षमता और दूसरे के राष्ट्रीय हित का सम्मान करना है.  बता दें कि भारत रूस से एस- 400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीद रहा है तथा अमेरिका चाहता है कि भारत ये डील रद्द करे तथा अमेरिका से ये मिसाइल खरीदे लेकिन अब भारत ने साफ़ कर कर दिया है कि वह रूस के साथ ये सौदा रद्द नहीं करेगा क्योंकि  रूस के साथ हमेशा से भारत के अच्छे संबंध रहे हैं.

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नई दिल्ली में एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान माइक पोम्पियो ने कहा कि भारत अमेरिका का अहम साझीदार है और दोनों देशों के बीच के रिश्ते नई ऊंचाई पर हैं. पोंपियो ने कहा कि वह भारत की जरूरतों तथा हितों को समझता है. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत-अमेरिकी रणनीतिक साझेदारी गहन और व्यापक समन्वय पर आधारित है. उन्होंने कहा कि पोम्पिओ के साथ ऊर्जा, व्यापार मुद्दों, अफगानिस्तान, खाड़ी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. आतंकवाद पर जयशंकर ने कहा कि उन्होंने ट्रंप प्रशासन के मजबूत समर्थन के लिए प्रशंसा व्यक्त की है.

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बता दें कि अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो व भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर  ने आमने-सामने की वार्ता की और प्रतिनिधिमंडल स्तर पर भी बातचीत हुई. दोनों देशों ने आतंकवाद का मुकाबला करने में भारत-अमेरिका सहयोग को बढ़ाये जाने की भी प्रतिबद्धता जताई. इसके बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में पोम्पिओ और जयशंकर ने स्वीकार किया कि व्यापार पर अलग-अलग विचार है लेकिन उन्होंने कहा कि मित्रों और बड़े व्यापारिक साझेदारों के पास मुद्दे होंगे जिन्हें हल किया जा सकता है.

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पोम्पिओ मंगलवार को यहां पहुंचे थे। उन्होंने बुधवार सुबह के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की. पोम्पिओ की यह यात्रा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच जापान के ओसाका में होने वाले जी..20 शिखर सम्मेलन के इतर होने वाली बैठक से पहले हुई है. पोम्पिओ ने कहा कि भारत अमेरिका एक महत्वपूर्ण साझेदार है और अमेरिकी-भारत साझेदारी नई ऊंचाइयों पर पहुंचने लगी है. उन्होंने कहा कि जब दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के 1.7 अरब लोग एक साथ आते हैं तो हम बड़े काम कर सकते हैं.

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