57 इस्लामिक मुल्को को भारत ने अकेले दिखाई आँखें.. बोला – “दूर रहो हमारे आंतरिक मामलों से”

ये एक ऐसा मुद्दा था जिस पर भारत किसी का दखल पहले भी नहीं बर्दाश्त किया था . ये ऐसा विषय था जिसके लिए भारत ने अमेरिका और रूस जैसे देशो को कभी बोलने नहीं दिया . अब वैसे ही मामले में एक बार दखल देने की कोशिश हुई है इस्लामिक मुल्को द्वारा जिनको भारत का एक शानदार जवाब मिला है जिसके बाद वो सभी अपने अपने दायरों में सिमट कर रह गये हैं . ये मामला है भारत की आन बान और शान के वाल कश्मीर का जिस पर भारत ने दिखाया अपना अटल इरादा .

विदित हो कि कश्मीर मामले में भारत ने इस्लामिक मुल्को के समूह को साफ़ साफ बता दिया है कि वो भारत के आंतरिक मामलो से दूर रहे और अपने मंचो से ऐसे मामले उठाने बंद कर दे जो उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर के हैं . 57 मुस्लिम देशो के समूह ने भारत के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र संघ से ये मांग की थी कि वो मुस्लिम देशो के प्रतिनिधियों को कश्मीर में जाने की अनुमति दिलाये क्योकि उनके हिसाब से वहा भारत की फौजें कश्मीरी मुसलमानों के साथ अत्याचार कर रही हैं .

इन इस्लामिक मुल्को के प्रतिनिधियों ने एक बार भी वहां सक्रिय आतंकियों का जिक्र नहीं किया या वहां ऐसे मजहबी उन्मादियो के खिलाफ भी कुछ नहीं बोला जो मस्जिद के बाहर तैनात DSP तक को पीट पीट कर मौत के घाट उतार देते हैं . विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘जम्मू कश्मीर राज्य भारत का एक अभिन्न हिस्सा है और इससे जुड़ा मामला ओआईसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।अंतरराष्ट्रीय संगठन ओआईसी में 57 सदस्य देश हैं और इनमें से 53 मुस्लिम बहुल देश हैं। पिछले शुक्रवार को पवित्र शहर मक्का में ओआईसी की 14वीं बैठक आयोजित हुई और मुस्लिम देशों के कई नेता इसमें शामिल हुये।

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