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दुनिया में भारत की छवि गिराने के लिए कट्टरपंथियों की गहरी साजिश.. फ्रांस आतंकी हमले का केरल कनेक्शन, फ्रांस की पुलिस पहुँचीं वामपंथ शासित केरल जेल में बंद हाजा मोईदीन से पूछताछ करने

जहां एक तरफ भारत अपनी तमाम कूटनीतियों से विदेश में अपनी छवि को सुधारने और अपनी साख को बढाने में लगा हुआ है वहीं भारत के ही कुछ कट्टरपंथी तत्व भारत के ही खिलाफ एक प्रकार से कलंक साबित होते जा रहे हैं .  पिछले कुछ समय से ISIS में शामिल होने की मंशा रख कर विदेश भागे कुछ मज़हबी उन्मादियों ने दुनिया भर में भारत की किरकिरी करवाई थी और इराक, सीरिया , अफगानिस्तान में मारे भी गए थे लेकिन अब यूरोप तक मे हुए आतंकी हमलों के कनेक्शन भारत से जुड़ने लगे हैं जिसमें आतंक से जूझ रहे उस फ्रांस में हुए हमले भी शामिल हैं जिसने दुनिया को हिला कर रख दिया था और डोनाल्ड ट्रम्प जैसी हस्तियों को इस मामले में बोलने पर मजबूर कर दिया था ..

ध्यान देने योग्य है कि भारत सरकार के तमाम प्रयासों के बाद फ्रांस से भारत के रिश्ते सामान्य ही नही बल्कि मधुर भी हुए थे, इसमे खटास डालने के प्रयास राफेल डील के माध्यम से राजनैतिक रूप से किये गए पर अब उस से भी बड़ा कुत्सित प्रयास सामने आया है जिसमे फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुए आतंकी हमले का एक कनेक्शन केरल से मिला है.. समाचार एजेंसी organiser.org के अनुसार फ्रांसीसी जांचकर्ताओं की एक टीम केरल के कोच्चि में पहुच चुकी है जहां वो जेल में बंद 2 आतंकियों जसिम व हाजा मोइद्दीन से पूछताछ करेगी जिनसे उन्हें पेरिस आतंकी हमले में कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं .  फ्रांसीसी जांचकर्ताओं की ये टीम विशेष विमान से भारत आई है जहां वो पेरिस के ISIS हमलावर ब भारत के उसी विचारधारा के जेल में बंद दोनों आतंकियों के कनेक्शन की पड़ताल कर के सबूत जमा करेगी ..

2015 में हुए पेरिस के इस आतंकी हमले में 130 बेगुनाह लोग मारे गए थे.. इन दोनों आतंकियों को भारत मे NIA ने पकड़ा था जबकि इनका त्रिकोणीय कनेक्शन आतंकी दल लश्कर ए तोइबा के आतंकी उस्मान गनी से भी पाया गया था.. ये आतंकी वामपंथ शासित केरल के कनकमाला में आतंकी कैम्प भी संचालित कर रहे थे जिसकी खुद वहां के शासन प्रशासन को कोई खबर नही थी.. इतना ही नही, कुछ स्थानीयों द्वारा दबी जुबान से इनकी गिरफ्तारी का विरोध भी किया गया था जबकि एक तरफ केरल में एक के बाद एक हिन्दू नेताओं की हत्या हो रही थी ..इन दोनों से पूछताछ केरल के विययूर जेल में होनी तय हुई है ..अदालत ने भी इन दोनों से पूछताछ की अनुमति दे दी है जिनसे सवाल जवाब NIA की मौजूदगी में किये जायेंगे . फिलहाल इस बेहद जरूरी सवाल जवाब के लिए 3 दिनों की अनुमति दी गयी है .. फिलहाल इस पूूरे मामले में वामपंथी व बुद्धिजीवयों ने खामोशी साध रखी है.

 

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