पाकिस्तान में मौत की नींद सुला दिए गए अल्पसंख्यक ईसाई.. चर्च में हुआ हमला जिसमें 10 मारे गए


आतंकवाद से आज पूरा विश्व त्रस्त है। एक मनुष्य दूसरे मनुष्य को इस प्रकार मारने पर आमदा हो चुका है कि क्या बूढ़े क्या बच्चे, आज हर कोई आतंकवाद के चंगुल में फसा हुआ है। पाकिस्तान में ईसाई समुदाय के लोगों की हत्या जिस प्रकार से की गयी, वह मानवता के ऊपर सबसे बड़ा आघात है। आपको बता दे कि पाकिस्तान में क्रिसमस से हफ्ते भर पहले रविवार को गिरजाघर में प्रार्थना के लिए एकत्रित हुए ईसाई समुदाय के लोगों पर आतंकी कहर टूट पड़ा।

हथियारों से लैस आतंकियों के हमले में दस लोग मारे गए जबकि 45 घायल हुए हैं। हमला बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा के जरघून रोड स्थित बेथल मेमोरियल चर्च में हुआ। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली है लेकिन दावे की पुष्टि करने वाला कोई सुबूत पेश नहीं किया है। वैसे कुछ लोग तालिबान पर भी शक कर रहे हैं। हमले को दो आत्मघाती हमलावरों ने अंजाम दिया। फायरिग की आवाज सुनकर सक्रिय हुए पुलिसकर्मी ने एक हमलावर को मुख्य द्वार पर ही ढेर कर दिया जबकि दूसरे हमलावर ने भीड़ के पास जाकर खुद को उड़ा लिया। हमले के समय चर्च में करीब चार सौ श्रद्धालु मौजूद थे।
बलूचिस्तान के गृह मंत्री सरफराज बुग्ती के मुताबिक आतंकियों के पास जिस तरह के हथियार और साम्रगी मिली है उससे लगता है कि वे लोगों को बंधक बनाने के उद्देश्य से चर्च में आए थे सुरक्षा बलों ने उनकी साजिश नाकाम कर दी। बलूचिस्तान के पुलिस महानिरीक्षक मुअज्जम अंसारी के मुताबिक पुलिस समय-समय पर गिरजाघरों और अन्य आराधना स्थलों की सुरक्षा की समीक्षा करती रहती है। इसीलिए रविवार को चर्च में बड़ी घटना से बचा जा सका। अगर दोनों हमलावर भीड़ के नजदीक पहुंच जाते तो हालात भयावह हो जाते। उन्होंने हमले में एक और आतंकी के शामिल होने की आशंका जताई है जो सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई होते ही मौके से भाग खड़ा हुआ।
फरार आतंकी की तलाश की जा रही है। घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की है। घायलों में नौ लोगों की हालत गंभीर है। चर्च प्रबंधन के अनुसार क्रिसमस से पूर्व सन्डे स्कूल क्रिसमस प्रोग्राम आयोजित किया गया था। इसी दौरान आतंकी हमला हुआ। सूत्रों के अनुसार प्रांत में स्थित गिरजाघरों और स्कूलों को पिछले कई दिनों से धमकियां मिल रही थीं। कराची और लाहौर के स्कूलों को भी ऐसी ही धमकियां मिली हैं। इसके चलते कुछ स्कूलों ने अपनी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। अफगानिस्तान के हेलमंड प्रांत में स्थित दो पुलिस चेकपोस्ट पर तालिबान के हमले में 11 पुलिस अधिकारी मारे गए हैं। तालिबान आतंकियों ने रविवार सुबह ये हमले किए। अचानक हमला बोलकर कई तरफ से किए गए इन हमलों में चेकपोस्ट पर तैनात ज्यादातर पुलिसकर्मी मारे गए, दो घायल भी हुए हैं। 

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