ISIS आतंकी की बीबी ने पहली बार बताया कुरआन का हवाला.. बोली- “सेक्स गुलामों का बलात्कार जायज”


इस्लामिक आतंकी दल ISIS की बीवी ने सेक्स गुलामों अर्थात आतंकियों द्वारा गिरफ्तार की गई महिलाओं से रेप को जायज बताया है तथा कहा है कि कुरआन में इसकी इजाजत है. आतंकी की बीवी ने कहा है कि सेक्स गुलामों के रूप में यजीदी महिलाओं का बलात्कार किया जा सकता है, क्योंकि युद्ध कैदियों को कुरआन में जायदाद बताया गया है. एक मीडिया वेबसाइट के हवाले से ये खबर डेली मेल में छपी है. डेली मेल के मुताबिक अज्ञात महिला एक अन्य महिला से बात कर रही थी जिसमें महिला ने उससे पूछा कि कथित खिलाफत में यजीदी महिलाओं संग किस तरह व्यवहार किया जाता है.

मीडिया वेबसाइट की माने तो डेली मेल ने लिखा कि महिला ने मोबाइल फोन के कैमरे पर बात करते हुए यह बात कही. उसने कुरआन की अपनी व्याख्या को यजीदी महिलाओं से बलात्कार और हत्या के रूप वर्णित किया, जिन्हें सेक्स गुलाम के रूप में ले जाया गया था. ISIS आतंकी की पत्नी ने कहा, ‘क्योंकि मुसलमान में पवित्र किताब कुरआन में युद्ध कैदियों को संपत्ति के रूप परिभाषित किया गया है, उनका इस्तेमाल वस्तुओं के रूप में किया जा सकता है.’ महिला जब पूछा गया कि क्या कुरआन में वास्तव में ऐसा सचमुच लिखा गया कि युद्ध कैदियों के साथ इस तरह का व्यवहार करना चाहिए? इस पर महिला ने कहा कि इस्लामिक किताब के बारे में उसे ज्यादा जानकारी नहीं है. काला बुर्का पहने और चश्मा लगाए महिला ने आगे कहा, ‘इस्लाम धर्म में यह बलात्कार नहीं है क्योंकि ये तो आपकी संपत्ति है.’

मीडिया माना जा रहा है कि महिला इराक और सीरिया के बाहर की निवासी है. महिला ने देश के उत्तर में कुर्द कब्जे वाले रिफ्यूजी कैंप पर टिप्पणी भी की. महिला ने कहा कि वे युद्ध बंदी थे और गुलाम बन गए. यह कुरआन में है. वो संपत्ति हैं और इस्लाम इनके इस्तेमाल की इजाजत देता है. इस्लाम में यह बलात्कार नहीं है क्योंकि वो आपकी प्रोपर्टी है, वो आपके गुलाम हैं. महिला ने कहा है कि अगर वास्तव में ये बात कुरआन में लिखी है तो वो कौन होती है इस पर सवाल उठाने वाली.


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