इस्लामिक मुल्क होने के बाद भी वो बोला- “No More Rohingya”

हिंदुस्तान में आज भी तमाम कथित बुद्धिजीवी, मानवाधिकारी बौद्धों के हत्यारे रोहिंग्या उन्मादियों के समर्थन में तनकर खड़े हैं तथा उनको हिन्दुस्तान में शरण देने की पुरजोर वकालत कर रहे हैं. लेकिन एक इस्लामिक मुल्क ने रोहिंग्या मुस्लिमों को शरण देने से इनकार कर दिया है तथा कहा है कि अब वह और रोहिंग्याओं को अपने देश में शरण नहीं दे सकता है. रोहिंग्या मुस्लिमों को शरण देने से इनकार करने वाला ये इस्लामिक मुल्क है बांग्लादेश.

जी हाँ, इस्लामिक मुल्क बांग्लादेश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से साफ़ कह दिया है कि अब वह म्यांमार से और शरणार्थियों को पनाह नहीं दे सकता. बांग्लादेश के विदेश मंत्री शाहिदुल हक ने परिषद की बैठक में कहा कि उनके देश में मौजूद रोहिंग्या समुदाय के लाखों लोगों की स्वदेश वापसी का संकट ‘बद से बदतर’ हो गया है. इसके साथ ही उन्होंने परिषद से ‘निर्णायक’ कदम उठाने की भी अपील की है. हक ने कहा, ‘यहां, मुझे परिषद को यह बताते हुए खेद है कि बांग्लादेश अब म्यांमार से आने वाले और लोगों को पनाह देने की स्थिति में नहीं है.’

बता दें कि बांग्लादेश से एक समझौते के तहत म्यांमार कुछ शरणार्थियों को वापस लेने के लिए राजी हुआ था लेकिन संयुक्त राष्ट्र ने इस बात पर जोर दिया कि रोहिंग्या लोगों की सुरक्षा उनकी वापसी की एक शर्त है. विदेश मंत्री ने पूछा, ‘क्या बांग्लादेश पड़ोसी देश की उत्पीड़ित अल्पसंख्यक आबादी के प्रति सहानुभूति दिखाने की कीमत चुका रहा है?’ संयुक्त राष्ट्र के राजदूत क्रिस्टीन श्रानर बर्गनर ने म्यांमार का पांच बार दौरा करने के बाद कहा कि लाखों रोहिंग्या लोगों की घर वापसी का काम बेहद धीमा है और साथ ही उन्होंने आगाह किया कि अगले साल होने वाले म्यांमार चुनाव से संकट और गहरा सकता है.

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