पाकिस्तान को ठेंगा दिखाने वाला सऊदी अरब अब भारत के लिए उठाने जा रहा ये कदम.

काश्मीर पर भारत के खिलाफ लगातार जहरीली बयानबाजी कर इस्लामिक मुल्कों को अपने साथ लेने की कोशिश कर रहे भारत के पड़ोसी आतंकी मुल्क पाकिस्तान को इस्लामिक जगत की धुरी कहे जाने वाले मुल्क सऊदी की तरफ से ठेंगा दिखा दिया गया है. आतंकी मुल्क पाकिस्तान कोशिश कर रहा था कि वह न सिर्फ सऊदी अरब सहित तमाम इस्लामिक मुल्कों का कश्मीर मुद्दे पर समर्थन हासिल करेगा बल्कि आर्थिक क्षेत्र में सहयोग भी हासिल कर पायेगा. लेकिन पाकिस्तान की ये उम्मीदें ध्वस्त हो गई हैं.

खबर के मुताबिक़, दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल निर्यातक सऊदी अरब ने पाकिस्तान को ठेंगा दिखाते हुए भारत से अपने व्यापारिक रिश्ते मजबुत करने को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सऊदी अरब भारत में 100 अरब डॉलर (करीब सात लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगा. भारत में विकास की संभावनाओं को देखते हुए सऊदी अरब की तरफ से यह निवेश मुख्य रूप से पेट्रोकेमिकल्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर और खनन समेत कई अन्य क्षेत्रों में किया जाएगा.

भारत में सऊदी अरब के राजदूत डॉ. सऊद बिन मुहम्मद अल सती ने कहा कि उनके देश के लिए भारत बेहद आकर्षक निवेश बाजार है. ऐसे में सऊदी अरब तेल, गैस व खनन जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर में भारत के साथ लंबी अवधि की साझेदारी का लक्ष्य रख रहा है. उन्होंने भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई. राजदूत ने कहा, ‘सऊदी अरब भारत में ऊर्जा, रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर, कृषि, खनिज और खनन क्षेत्रों में 100 अरब डॉलर के निवेश के बारे में सोच रहा है. देश की सबसे बड़ी ऑयल कंपनी अरैमको और भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बीच प्रस्तावित साझेदारी से दोनों देशों के बीच ऊर्जा के क्षेत्र में रणनीतिक भागीदारी झलकती है.’

सऊदी राजदूत ने कहा कि उनका देश भारत की ऊर्जा जरूरतें पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध है. ऐसे में जब कभी भी किसी अन्य स्रोत से ऊर्जा आपूर्ति में भारत को बाधा पहुंचेगी, सऊदी अरब उसकी भरपाई करेगा. उन्होंने कहा कि अरैमको दुनियाभर के बाजार में ऑयल मार्केटिंग के क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाने को तैयार है। इसलिए वह भारत में ऑयल सप्लाई, रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स और ल्युब्रिकेंट्स में बड़ा निवेश कर रहा है. सऊदी अरैमको ने महाराष्ट्र में पेट्रोकेमिकल्स और वेस्ट कोस्ट रिफाइनरी में 44 अरब डॉलर (तीन लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) निवेश का प्रस्ताव रखा है.

उन्होंने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ लंबी अवधि की साझेदारी हमारे द्विपक्षीय रिश्तों में मील के एक अहम पत्थर का प्रतिनिधित्व करती है। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के विजन-2030 से भी भारत और अरब के बीच विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार और कारोबार के बड़े विस्तार की संभावना बनेगी. सऊदी राजदूत ने कहा कि दोनों देशों ने इस वर्ष के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में गठजोड़ और निवेश के लिए 40 से ज्यादा मौकों की पहचान की है. तेल व गैस के अलावा भी भारत और सऊदी अरब में आपसी कारोबार की बड़ी और अनछुई संभावनाएं हैं. भारत और सऊदी अरब में इस वक्त 34 अरब डॉलर (करीब 2.4 लाख करोड़ रुपये) का द्विपक्षीय कारोबार हो रहा है, जिसके लगातार बढ़ने की गुंजाइश है.

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