ईरान में नरम दल का इस्लामिक नेता जीता चुनाव, जानें कौन है रुहानी…

शुक्रवार को ईरान में हुए राष्ट्रपति चुनाव में हसन रुहानी फिर से जीत गए हैं। इस चुनाव में रुहानी को 62 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिले हैं। चुनाव में उन्होंने अपने प्रतिद्विंदी रूढ़िवादी नेता इब्राहिम रईसी को कड़ी मात दी है। ये घोषणा वहां के सरकारी टेलीविजन की ओर से भी की गई है। जानकारी के मुताबिक, रुहानी को दो करोड़ 10 लाख 60 हजार वोट मिले हैं, जबकि उनके प्रतिद्विंदी इब्राहिम रईसी को एक करोड़ 40 लाख वोट मिले हैं। 
अधिकारी ने बताया कि रुहानी को 57 फीसदी मतों के साथ दोबारा से ईरान का राष्ट्रपति चुना गया है। 68 वर्षीय रुहानी उदारवादी और स्वतंत्रता के हिमायती माने जाते हैं। बता दें कि नरमपंथी मौजूदा राष्ट्रपति हसन रुहानी और कट्टर माने जाने वाले प्रतिद्विंदी इब्राहिम रईसी के बीच सीधी टक्कर थी। मौजूदा राष्ट्रपति हसन रुहानी ईरान के 11वें राष्ट्रपति हैं और लगभग 4 साल के पहले दौर के बाद दूसरी बार चुनावी मैदान में उतरे हैं। 
रुहानी सत्ता में पहली बार सुधार और परिवर्तन का वादा लेकर आए थे। उनके शासनकाल की सबसे बड़ी सफलता ईरान का पश्चिमी देशों के साथ परमाणु समझौता रहा, जिसका वजह से यूरोप और अमेरिका के साथ ही संयुक्त राष्ट्र संघ ने ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटा दिया था। 2015 में पश्चिमी देशों के साथ हुए समझौते से ईरानी समाज की जितनी अपेक्षाएं बढ़ी उतना ही अच्छा असर ईरान की अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ा। समाज की इसी नाराजगी को उनके विरोधियों ने अपना असली हथियार बना लिया। 
उनके प्रतिद्विंदी रूढ़िवादी नेता इब्राहिम रईसी ने रुहानी पर आरोप लगाया कि उन्होंने नकारा नीतियों के चलते इस अवसर का फायदा नहीं उठाया। हालांकि, उनके विरोधी इस तथ्य को जानते हुए भी छिपाते हैं कि परमाणु कार्यक्रम की जिद और प्रतिबंधों के चलते ईरान पर युद्ध के जो बादल मंडरा रहे थे उसे रुहानी की व्यवहारिक नरम ने छांट दिया। ईरान के राजनैतिक विश्लेषक सादिक जीवाकलाम का भी मानना है कि रुहानी ने अपने शासन के पहले दौर में ही ईरान को गंभीर प्रतिबंधों से छुटकारा दिलाया है और वहीं दूसरे दौर में वो राजनीतिक आर्थिक और सामाजिक सुधारों पर भी विशेष ध्यान देंगे। 
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