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चीन के कदम से इस्लामिक जगत में खलबली.. मुस्लिमों को जबरन खिलाया सुअर का मांस, पिलाई शराब

पहले से ही इस्लामिक कट्टरपंथ के खिलाफ कड़ा रवैया अपनाने वाला चीन अब और अधिक आक्रामकता से पेश आ रहा है. पिछले दिनों ही चीन में अल्पसंख्यक मुस्लिम सभ्यता और परंपराओं को कम्युनिस्ट पार्टी के समाजवादी सांचे में ढालने की राष्ट्रपति शि जिनपिंग की नीति को आक्रामक तरीके से लागू करने के प्रयास शुरू किये गये थे. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की इन नीतियों में इस्लाम का चीनीकरण किया गया है, अर्थात इस्लामिक परंपराओं में चीन के अनुसार बदलाव किये जा रहे हैं. लेकिन अब चीन ने एक ऐसा कदम उठाया गया है जिससे संपूर्ण इस्लामिक जगत में खलबली मच गई है.

खबर के मुताबिक़, चीनी नव वर्ष समारोह के दौरान चीन के मुस्लिमों को पोर्क खाने और शराब पीने के लिए मजबूर किया गया. एक विदेशी अंग्रेजी मीडिया ने चीन के कुछ मुस्लिम नागरिकों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट में यह बात कही है कि चीन में मुस्लिमों को जबरन शराब पीने तथा सुअर का मांस खाने को मजबूर किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, नॉर्थ वेस्ट चीन के इली कज़ाख ऑटोनोमस प्रीफेक्चर के रहने वाले मुसलमानों को नए साल के उस फेस्टिव इवेंट में न्यौता दिया गया, जहां पोर्क परोसा जा रहा था. इसमें बताया गया कि अगर वे लोग ऐसे फंक्शन का हिस्सा बनने से इनकार करते हैं तो उन्हें ‘री-एजुकेशन’ कैंप भेजने की धमकी दी जाती है.

चीन के एक मुस्लिम नागरिक की बात को मीडिया ने लिखा है कि  हम वहां के फेस्टिवल की सजावट के मुताबिक लालटेन नहीं लगाते और गाना नहीं गाते तो वे हमें दोहरी मानसिकता वाला बताते हैं और फिर इसी आधार पर हमें री-एजूकेशन कैंप भेज देते हैं. चीन के नव वर्ष की जड़ें FOLK रिलीजन से जुड़ी बताई जाती हैं, जिसमें बुद्धिस्ट तस्वीरें और आर्टवर्क शामिल होता है. मिरर.को.यूके की रिपोर्ट के मुताबिक, वहां के लोगों का कहना है कि चीनी अधिकारियों ने Kazakh के सभी नागरिकों को आदेश दिया है (मुस्लिम समेत) कि वे अपने घरों के बाहर फेस्टिवल के मुताबिक सजावट करें. मुस्लिमों का कहना है कि हमारे मुख्य त्यौहार ईद-उल-फित्र और ईद-उल-अदहा हैं. स्प्रिंग फेस्टिवल हान चाइनीज़ के लिए है, जो बुद्धिज्म में विश्वास करते हैं लेकिन हमें ये त्यौहार मनाने को मजबूर किया गया.

एग्जाइल ग्रुप वर्ल्ड वीगर कांग्रेस के प्रवक्ता Dilxat Raxit ने कहा, ‘हमारी जानकारी के मुताबिक चीनी सरकार वीगरों को हान चीनी संस्कृति में आत्मसात करने के अभियान को आगे बढ़ा रही है. वे वीगरों को Lunar New Year सेलिब्रेट करने के लिए मजबूर कर रहे हैं. वे वीगरों को शराब पीने के लिए भी मजबूर कर रहे हैं, यह दिखाने के लिए कि वे ‘चरम धार्मिक मान्यताओं’ की सदस्यता नहीं लेते हैं और पारंपरिक चीनी संस्कृति का अनादर नहीं करते हैं.’ हालांकि बीजिंग ने शुरू में शिक्षा शिविरों के अस्तित्व से इनकार कर दिया था, लेकिन उस क्षेत्र की सरकार के अध्यक्ष, शोहरात ज़ाकिर ने अक्टूबर में कहा था कि देश को आतंकवाद से बचाने और वीगरों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधाएं एक प्रभावी उपकरण हैं.

बता दें कि छह फरवरी से शुरू हुआ चीनी साल इस बार पिग ईयर (सुअर वर्ष) है. चीन में हर नया साल उनके 12 जोडिएक प्रतीक जानवरों को समर्पित होता है. हर ज़ोडिएक साइन का वर्ष 12 सालों के बाद आता है. चीनी मानते हैं कि जो साल ज़ोडिएक के अनुसार जिस जानवर के नाम होता है, उसका असर उस साल उनके जीवन पर होता है.

ज्योतिष चक्र के अनुसार हर साल एक जानवर पर आधारित होता है. लिहाजा ये चाइनीज राशि चक्र के सबसे आखिरी जानवर सुअर पर है, जो 12 साल के बाद अब फिर आया है. चीनी नववर्ष हर साल एक अलग तिथि पर होता है. यह चंद्र कैलेंडर पर आधारित है. नव वर्ष उत्सव दो सप्ताह तक मनाया जाता है. नए साल की शुरुआत 21 जनवरी और 20 फरवरी के बीच होती है.

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