इजरायल में भी बढ़ रहा गृहयुद्ध का खतरा क्योंकि वहां भी बढ़ रही एक वर्ग की आबादी… ये कहना है मौसाद के पूर्व प्रमुख का

चारों तरफ से इस्लामिक देशों से घिरे छोटे से राष्ट्र इजराइल पूरी दुनिया में अपनी ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद के लिए जाना जाता है। मोसाद द्वारा किये गए सुरक्षा अभियानों में ऑपरेशन एंटेबे का नाम आज भी सबसे ऊपर आता है। लेकिन इन सबके बीच यरूशलेम पोस्ट की एक रिपोर्ट अनुसार मोसाद के पूर्व प्रमुख तामीर पारदू ने बयान दिया है कि इजराइल के सामने सबसे बड़ा ख़तरा उसका आंतरिक उपद्रव और अशांति है।

जिसकी वजह से इजराइल गृहयुद्ध की ओर बढ़ रहा है और फ़िलिस्तीनियों के साथ समस्याओं के समाधान में अक्षमता ने इजराइल की स्थिति को गिरा दिया है

चीफ ने कहा कि इजराइल को हमास या हिज़्बुल्लाह जैसे संगठनों से उतना खतरा नहीं है, जितना की देश में आंतरिक खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा की देश में जिस प्रकार आपसी मतभेद पनप रहे है, उनसे गृहयुद्ध होने के जैसे हालात बने हुए है। कहा कि इसराइल साइबर स्पेस के क्षेत्र में अकेला खिलाड़ी नहीं है क्योंकि लेबनान का हिज़्बुल्लाह भी जानता है, किस प्रकार इन्टरनेट को अपने हित के लिए प्रयोग किया जाता है।

बता दे कि इस्राईल के प्रधानमंत्री बिन यामीन नेतेनयाहू पर व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप के कारण उनके त्यागपत्र की मांग बढ़ते जा रही है।

नेतनयाहू पर धनवान व्यापारियों से क़ीमती तोहफ़े लेने और एक अख़बार के माध्यम से अपनी सरकार की अच्छी छवि पेश करने के बदले उससे सौदेबाज़ी करने के आरोप लग रहे है। लेकिन नेतनयाहू ने किसी तरह के भ्रष्टाचार में लिप्त होने का बिरोध किया है।

नेतनयाहू पर अध्यक्ष रोनल्ड लॉडर से अपने और बेटे के लिए बहुत क़ीमती तोहफ़े लेने का भी आरोप है। इसी तरह उन पर 2009 के चुनावों में प्रचार अभियान के ख़र्च के लिए फ़्रांस के अर्नाड मिमरन नामक एक धोखेबाज़ व्यक्ति से 11 लाख डॉलर क़ुबूल करने के मामले में भी पूछताछ चल रही है।
साथ ही जर्मनी की जहाज़ बनाने की वाली कंपनी थीसन क्रुप मरीन सिस्टम से 3 पनडुब्बी ख़रीदने के समझौते में भी नेतनयाहू से उनके संबंध के बारे में पूछताछ करने की मांग हो रही है।

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