जानिये चीन की शर्त जिसके बाद वो हमें करने देगा महादेव के दर्शन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती चीन को हजम नहीं हो रही है। इसलिए तो उसने पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात से ठीक पहले ही कैशाल मानसरोवर यात्रा पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही चीन ने भारत सरकार को धमकी देते हुए कैलाश मानसरोवर की यात्रा को जारी रखने के लिए भारत सरकार के सामने शर्ते रखी हैं। चीन ने कहा कि लम्बे समय से चीन सरकार की तरफ से हमेशा भारत से आए सभी श्रद्धालुओं को जरुरी सुविधाये देने की कोशिश की गई हैं, लेकिन अब उसके लिए कुछ शर्ते हैं।   
चीन ने कहा है कि भारतीय सैनिक तुरंत ही पीछे हट जाएं। भविष्य में कैलाश मानसरोवर यात्रा जारी रखना इस बात पर लागू होता हैं कि भारत सरकार हमारे साथ इस टकराव से कैसे निपटाता है। बता दें कि हाल ही में मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात से महज कुछ घंटे पहले ही सिक्किम में चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय चेक पोस्ट को तोडा गया और भारतीय जवानों के साथ धक्‍का-मुक्‍की भी की गई। वहीं, चीन ने इन सब घटनाओं से अपने आप को बेखबर बताते हुए उल्टा भारत पर ही आरोप लगा दिये। 
गौरतलब है कि इन सब घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया हैं, जिसमें चीनी सैनिक भारतीय सैनिको के साथ धक्‍का-मुक्‍की करते हुए नजर आए। चीन के विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार से इस मामले पर जाच करने कि मांग की है। वहीं पर चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन ल्‍यू क्‍वांग ने अपने एक बयान में कहा कि वह अपने राज्य की अखंडता के साथ कभी भी समझौता नहीं करता है और इसके साथ ही उसने भारत को भी इसी तर्ज पर आगे बढ़ने की नसीहत दे डाली। 
बता दें कि चीन सरकार की तरफ से कैलाश मानसरोवर यात्रा रोक दिए जाने से नाथू ला दर्रे से 47 श्रद्धालुओं को रोक दिया था और उनको गंगटोक वापस आना पड़ा था। 2015 से पहले कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सिर्फ एक ही रास्ता था जो कुमाऊं रीजन के रास्ते लीपू दर्रे से होकर गुजरता है। लेकिन 2015 में नाथू ला दर्रे को कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए खोला दिया गया था।

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