वो देश जिसने मस्जिदें तोड़कर बना डालीं वाहन पार्किंग और खेल के मैदान.. जबकि सेक्यूलर देशों में देवताओं के जन्मस्थान पर भी ठोंका जाता है दावा


क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि भारत या भारत जैसे किसी अन्य सेक्यूलर देश मेंमस्जिद तथा मदरसों को तोड़कर वाहन पार्किंग तथा खेल के मैदान बनाये जा सकते हैं ? निश्चित रूप से नहीं. बल्कि भारत जैसे सेक्यूलर देश में तो देवी देवताओं के जन्मस्थान पर भी दावा ठोंक दिया जाता है. लेकिन एक देश ऐसा है जहाँ मदरसों तथा मस्जिदों को न सिर्फ तोड़ा गया है बल्कि उनकी जगह पर वाहन पार्किंग व खेल के मैदान बना दिए गये हैं.

हम बात कर रहे हैं इस्लामिक चरमपंथ के खिलाफ खौफनाक कार्यवाई के लिए पहिचाने जाने वाले चीन की. चीन के शिनजियांग प्रांत में रहने वाले उइगर मुसलमानों पर चीन की कार्यवाई जारी है। चीनी प्रशासन पहले से ही बड़ी संख्या में उइगुर मुसलमानों को डिटेंशन सेंटरों में कैद करके रखा हुआ है. उइगुरों को दाढ़ी रखने और धार्मिक अनुष्ठान करने तक पर पाबंदी है. लेकिन अब चीन से जो रिपोर्ट सामने आई है वो और अधिक हैरान करने वाली है. रिपोर्ट्स के आधार पर चीन अब शिनजियांग प्रांत में रहने वाले उइगर मुसलमानों के पूर्वजों की कब्रों को नष्ट करने में जुटा है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि उइगुरों की सांस्कृतिक पहचान मिटाने के लिए वहां पार्किंग और खेल का मैदान बनाया जा रहा है. हाल ही में कुछ सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं, जहां नए पार्क स्पष्ट नजर आ रहे हैं. अगस्त 2018 में संयुक्त राष्ट्र को जानकारी मिली कि लगभग 10 लाख उइगुर मुस्लिमों को चीन के पश्चिमी शिंजियांग क्षेत्र में बनाए गए डिटेंशन कैंपों में रखा गया है, जहां उन्हें समाज के प्रति नजरिया बदलने के लिए शिक्षा दी जा रही है.

ख़बरें ये भी आती हैं कि चीन के शिंजियांग प्रांत में मीडिया पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा हुआ है. यहां किसी भी मीडिया संस्थान के आने की मनाही है. एक रिपोर्ट में कहा कि वहां बड़े तौर डिटेंशन कैंपों का निर्माण किया जा रहा है और प्रांत में बड़ी मात्रा में पुलिस की मौजूदगी रहती है. यहां तक कि लोगों पर संदेह होने पर अधिकारियों द्वारा उनके फोन तक की जांच की जाती है.


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