पहले पावन गंगा को “मां” कहा, अब स्वामी विवेकानंद जयंती की शुभकामनाएं दीं.. एक ऐसा देश जो दिखा रहा भारत से सच्ची मित्रता का अर्थ


वो देश जिसको नकली धर्मनिरपेक्षता व तथाकथित सेकुलर सिद्धांतो के चलते सदा से हाशिये पर रखा गया, वो देश जिसने विपत्ति काल मे सदा से सहयोग का हाथ बढ़ाया , वो देश जो खुद जूझ रहा उन्ही जैसे दुश्मनों व उन्ही जैसे हालातों से जिसको झेलना पड़ रहा भारत की सेना , पुलिस व राष्ट्रवादियों को.. उसी देश ने भारत के बहुसंख्यक हिन्दू समाज की भावनाओं का आदर करते हुए वो शब्द बोला है जिसको बोलने से भारत का ही खा कर कट्टरपंथ फुफकारते कुछ कथित भारतीय अपनी तौहीनी समझते हैं .

विदित हो कि इस से पहले भी इजरायल की भारत मे डिप्लोमैट माया कड़ोस ने अपने आधिकारिक ट्वीट में हिंदुओं की आदि काल से पूज्य रही व भारत की संस्कृति को आधार गंगा को “माँ” शब्द से संबोधित किया था.. एक मामले पर ट्वीट करते हुए माया कड़ोस ने जी #MotherGanga शब्द हैशटैग लगाया था और हिंदुओं की पावन संस्कृति के प्रति इजरायल के सम्मान को प्रकट किया था..अब उन्ही माया कड़ोस ने स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर समूचे भारत वसियो को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं और इसी के साथ भारत व इजरायल के बीच बेहतर संबंधो की कामना भी की है.. इसी के साथ राष्ट्रीय युवा दिवस की भी हार्दिक शुभकामनाएं भी देश के युवाओं को इजरायल की तरफ से मिली है .

भारतीय संस्कृति को इजरायल से मिला ये सम्मान शर्मिंदा होने पर मजबूर करता है उन तथाकथित भारतीयता का चोला पहनने वालों को जो भारत मे ही अपनी कट्टरता दिखाते हुए भारत से ज्यादा फिलिस्तीन की चिंता में डूबे रहते हैं और उनमें से कुछ लड़ने के लिए इराक , सीरिया तक पहुँच जाते है और राष्ट्रगीत, भारत माता की जय के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहते हैं कि वो पक्के राष्ट्रवादी हैं, व उनकी देशभक्ति पर किसी भी प्रकार से शक करना तो दूर, सवाल भी न उठाया जाए ..

फिलहाल इजरायल द्वारा पावन गंगा को धार्मिक हिंदुओं के बाद आधिकारिक रूप से “माँ” कह कर संबोधित करने व गर्व से कहो हम हिन्दू हैं का उद्घोष देने वाले स्वामी विवेकानंद जी की जयंती की आधिकारिक रूप से शुभकामनाएं देने के बाद न सिर्फ धार्मिक हिन्दू समाज मे हर्ष व्याप्त है बल्कि साधु संतों में भी हर्ष का माहौल है .. प्रयागराज कुम्भ मेले में आने वाले इजरायली नागरिकों को सन्तो के बीच मे सम्मानित करने की घोषणा कई संतों ने की है व भारत सरकार से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा पाकिस्तान से छीन कर इजरायल को देने की मांग की है ..इतना ही नहीं, कई हिन्दू संगठनों ने भी इजरायली नागरिकों को सम्मानित करने का एलान किया है ..


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