जो अंसारी पाकिस्तान की जेल से बाहर आया उस पर नजर है खुफिया एजेंसियों की… सवाल ये कि यही दया कुलभूषण जाधव पर क्यों नहीं ?

हामिद अंसारी, ये पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी नहीं है बल्कि वो हामिद अंसारी है जो जासूसी के आरोप में पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया था तथा जिसे हाल ही में पाकिस्तान ने छोड़ा है. हामिद अंसारी पाकिस्तान से वापस हिंदुस्तान तो लौट आया है लेकिन जिस तरह से उसकी वापसी हुई है तथा पाकिस्तान से हामिद अंसारी पर दया दिखाई है, उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि जिस तरह से पाकिस्तान ने हामिद अंसारी पर दया दिखाई तथा उसको छोड़ दिया, वही दया कुलभूषण जाधव पर क्यों नहीं दिखाई गई? सवाल ये भी है कि हामिद अंसारी की रिहाई के पीछे पाकिस्तान की कोई नापाक साजिश तो नहीं है ?

मीडिया सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक़, पाकिस्तान से वापस आया हामिद निहाल अंसारी भारतीय सुरक्षा एजैंसियों के राडार पर रहने वाला है. इसका कारण ये है कि यह पहला मामला है जब पाकिस्तान ने जासूसी के आरोप में पकड़े गए किसी भारतीय कैदी को इतनी जल्द रिहा कर दिया है. इससे पहले जितने भी भारतीय कैदी जासूसी के आरोप में पाकिस्तान में पकड़े गए हैं उनको लंबी सजाएं काटनी पड़ीं. यहां तक कि सरबजीत सिंह की तो पाकिस्तान की जेल में ह्त्या तक कर दी गई थी.  यही कारण है कि इस बात का शक एजैंसियों को रहेगा कि कहीं हामिद पाकिस्तान का मुखबिर न बन गया हो.

जासूसी के मामलों में पकड़े गए कुछ अन्य भारतीय कैदियों के नाम व सजा

गोपाल दास आरोप जासूसी, सजा हुई 24 वर्ष
सुरजीत सिंह उर्फ मक्खन सिंह आरोप जासूसी, सजा हुई 22 वर्ष
किरपाल सिंह आरोप जासूसी, पाकिस्तान की जेल में हुई मौत
भानूदास काराले आरोप जासूसी, सजा हुई 14 वर्ष
रामराज आरोप जासूसी, सजा हुई 14 वर्ष

ज्ञात हो कि हामिद अंसारी पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर था जिसका फेसबुक पर एक पाकिस्तान लड़की के साथ प्रेम हो गया था. हालाँकि ये पाकिस्तान का हनी ट्रैप था. उस तथाकथित पाकिस्तानी लड़की को मिलने के लिए हामिद गैरकानूनी ढंग से वर्ष 2012 में अफगानिस्तान के रास्ते पेशावर गया जहां उसको गर्लफ्रैंड की तरफ से बताए गए लॉज में जाना पड़ा लेकिन यहां पर गर्लफ्रैंड की बजाय पाकिस्तानी सुरक्षा एजैंसियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया. सुरक्षा एजेंसिया इस बात को लेकर चौकन्नी रहेंगी कि 2012 में गिरफ्तार अंसारी को 2018 में अर्थात 6 साल बाद पाकिस्तान ने छोड़ा है तो कहीं इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं है, हामिद अंसारी को कहीं जासूस बनाकर तो नहीं भेजा गया?

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