“तबाह होने के कगार पर है पाकिस्तान”.. ये दावा किसी भारतीय का नहीं बल्कि खुद पाकिस्तानी मंत्री का है

लंबे समय से मीडिया में ये ख़बरें सामने आती रही हैं कि आतंकी मुल्क पाकिस्तान कंगाल हो चुका है तथा दुनिया से भीख मांग रहा है. खबरें तो ये भी सामने आई थी कि खस्ताहाल पाकिस्तानी सरकार ने कुछ पैसे इकट्ठे करने के लिए भैंसों की नीलामी की थी. लंबे समय से भीषण महंगाई की मार झेल रहा पाकिस्तान, अब दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गया है. पाकिस्तान तबाह होने की कगार पर है, ये दावा भारत का नहीं है बल्कि खुद पाकिस्तान के एक मंत्री ने किया है.

एक ऐसी जगह जहां एलान हुआ है BJP को वोट न देने का.. लोग मांग रहे सुरक्षा क्योंकि उन्हें दिखाया गया डर का आईना

जियो टीवी के अनुसार, पाक वित्तमंत्री असद उमर ने कहा है कि पाकिस्तान का मूल्य ऋण इतनी खतरनाक ऊंचाई पर चला गया है कि मुल्क कभी भी दिवालिया हो सकता है. उन्होंने कहा कि हम भारी कर्ज के साथ अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास जा रहे हैं. हमें अर्थव्यवस्था और कर्ज के भारी अंतर को कम करना होगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से गुजर रही है. इस वजह से देश में रोजगार की दर भी घटी है. इससे बेरोजगारी बढ़ रही है.

सैनिकों के लिए एक नई व्यवस्था पर नाराज हो गये भारत के लोगों से वोट लेने वाले दो बड़े नेता.. इन दोनों नेताओं के निशाने पर अब तक भाजपा थी

पाकिस्तानी वित्त मंत्री ने कहा कि आप कह रहे हैं कि मेरी सारी नीतियां पूर्व वित्तमंत्री इशाक डार की तरह हैं. वहीं इशाक डार का कहना है कि मैंने अर्थव्यवस्था चौपट कर दी है. वास्तविकता ये है कि उनके कार्यकाल में पाकिस्तान में पहली बार निर्यात नहीं बढ़ा. पहले की आर्थिक नीतियों की वजह से ही डॉलर लगातार मजबूत होता गया. इस वजह से पाकिस्तान को काफी नुकसान झेलना पड़ा तथा ज पाकिस्तान दिवालिया होने की कगार पर पहुँच गया है. गौरतलब है कि पिछले एक साल में पाकिस्तानी करेंसी रुपये में करीब 25 फीसद से अधिक की गिरावट आई है. बुधवार की कीमत के मुताबिक एक डॉलर की कीमत करीब 141 रुपये है.

बीटेक के उस छात्र को सभी देशभक्त मानते थे.. फिर एक दिन उसकी फोटो हुई वायरल तब पता चला कि वो कुछ और था

भारत-पाकिस्तान के बीच हाल के दिनों में बनी तनाव की स्थिति में पाक ने हमेशा भारत का मुकाबला करने का दंभ भरा. इसके विपरीत उसकी हालत इतनी खराब हो चुकी है कि युद्ध करना तो दूर, उसके लिए देश चलाना ही मुश्किल हो चुका है. पाक वित्तमंत्री के बयान से पता चलता है कि पाकिस्तान का अगले कुछ सालों में इस स्थिति से उबर पाना बहुत मुश्किल है. पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाक समर्थित आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की कूटनीति ने उसे और मुश्किल में डाल दिया है. यही वजह है कि हाल के तनाव के दौर में पाकिस्तान, भारत संग शांतिवार्ता का राग अलापने लगा था.

न्यूजीलैंड मस्जिद के हमलावर को सोशल मीडिया पर कहा जा रहा था “भटका हुआ नौजवान”.. क्या अब वो सही साबित होने जा रहा ?

पाकिस्तान की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अस्थिर होते आर्थिक हालत की वजह से कुछ कंपनियों ने अपना कारोबार समेटने का भी फैसला ले लिया है. वहीं, आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान को बढ़ते राजकोषीय घाटे और चालू खाता घाटे का भी सामना करना पड़ रहा है. आतंकवाद के मामले में वैश्विक स्तर पर घिरे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का भी डर सता रहा है. पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि भारत की पैरवी के चलते फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) उनके मुल्क को काली सूची में डाल सकता है. भारत इसके लिए लॉबिंग कर रहा है. पाकिस्तान को अगर ग्रे लिस्ट यानी निगरानी सूची में भी कायम रखा जाता है तो देश को सालाना दस अरब डॉलर (करीब 69 हजार करोड़ रुपये) का नुकसान हो सकता है. पाकिस्तान अभी ग्रे लिस्ट में है.

5 अप्रैल- दांतेवाडा में नक्सलियों से 2010 के युद्ध में अमर हुए CRPF के 73 योद्धाओं को शत-शत नमन

Share This Post