घरों को छोड़ कर जंगलों में पहुँचे श्रीलंकाई मुसलमान.. किसी और देश मे घुसने की फिराक में

पिछले महीने अप्रैल में ईसाइयों के त्यौहार ईस्टर पर श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद वहां का माहौल सामान्य होता हुआ नजर नहीं आ रहा है बल्कि ईसाई तथा मुस्लिम समुदाय के बीच अघोषित धर्मयुद्ध सा छिड़ गया है. स्थिति ये है कि देशभर में कई जगह कर्फ्यू लगा हुआ है तथा श्रीलंकाई खास तौर पर ईसाई, इस्लामिक कट्टरपंथ के खिलाफ भड़के हुए हैं तथा जगह जगह से सांप्रदायिक हिंसा की ख़बरें आ रही हैं.

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13 मई को पुट्टालम, कुरुनेगाला और गमपाहा ज़िलों में हिंसा हुई है. इन क्षेत्रों में कई मुस्लिम गांवों को निशाना बनाया गया है. मीडिया सूत्रों   से मिली खबर के मुताबिक़, सांप्रदायिक हिंसा के बाद यहाँ के बड़ी संख्या में मुस्लिम लोग जंगलों में पहुँच गये हैं. ये भी आशंका जताई जा  रही है कि ये लोग किसी दूसरे देश में घुसने की कोशिश कर रहे हैं. मीडिया सूत्रों के हवाले से लोगों ने बताया गया है कि गाँव में सोमवार को 100 से अधिक नकाबपोश लोग गांव में घुसे तथा मस्जिदों पर हमला किया और बाद में घरों और दुकानों को निशाना बनाया. हमारे लोग रोज़ा खोलने की तैयारी कर रहे थे और तभी यह हमला हुआ.

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बताया गया है कि इसके बाद ये लोग भागकर जंगल को चले गये जहाँ से कुछ कुछ लोगों के दूसरे देशों में घुसने की कोशिश करने की आशंका भी जताई जा रही है. इनका कहना है कि मुस्लिम समुदाय के कई घरों को पेट्रोल बम के ज़रिए निशाना बनाया गया है. लोगों का कहना है कि भीड़ ने क़ुरान की प्रतियां भी जलाई हैं. मुस्लिमों ने ये भी आरोप लगाया है कि यह हमला सुरक्षाकर्मियों की मदद से किया गया. उन्होंने कहा कि कई जगहों पर तब आग लगाई गई जब अधिकारी अपनी चौकियों पर मौजूद थे.

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