दुनिया भर के मुसलमानो की ठेकेदारी लेने वाले देश तुर्की ने अपने देश में घुसने वाले हजारों सीरियाई मुसलमानों का किया ये हाल

ये वो देश है जो आये दिन मुसलमानों की ठेकेदारी लेता दिखाई देता था , यही वो देश है जो कभी भारत से बात करने को कहता था तो कभी चीन तक को आँख दिखाया करता था . इसी देश ने म्यन्मार के खिलाफ एक बार तो जंग छेड़ देने का एलान कर दिया था मुसलमानों की प्रताड़ना के मुद्दे पर .. दुनिया भर में शायद ही कोई देश हो जिस से ये मुसलमानों के नाम पर भिड़ने की कोशिश न किया हो .. यहाँ तक कि इजरायल के खिलाफ भी इसने कई बार अपने तेवर दिखाए हैं .

इस देश का नाम तुर्की है जो कभी विकसित देशो में गिना जाता था लेकिन धीरे धीरे अब इसके ऊपर कट्टरपंथ का ऐसा भूत सवार हो गया है कि ये हर देश में मुसलमानों के खिलाफ अत्याचार खुद से खोज लेता है और उसको धमकी देने लगता है .. लेकिन इसके दूसरे चेहरे के बारे में जो खबर सामने आ रही है वो इतना स्याह है कि इसका असल रूप दुनिया में बेनकाब हो गया है . इस देश के हिसाब से हर देशो को रोहिग्या मुसलमानों के लिए अपने दरवाजे खोल देने चाहिए और उनकी आवभगत करनी चाहिए .

पर एक रिपोर्ट के अनुसार इसके खुद के अंदर सीरिया युद्ध में अमेरिका और रूस के बमो से बचने के लिए घुसे सीरियाई मुसलमान गिरफ्तार किये जा रहे हैं . मात्र 12 जुलाई से अब तक लगभग 1 हजार सीरियाई मुसलमान तुर्की पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गये हैं जिनको तुर्की अवैध घुसपैठी मान रहा है .. अपने देश में सीरियाई मुसलमानों की गिरफ्तारी करते समय दूसरे देशो को सिखाया जाने वाला ज्ञान और दया करुणा की बातें सब तुर्की के लिए बेमानी हो चली हैं .

एक अनुमान के अनुसार वर्तमान समय में तुर्की के अंदर लगभग 3 लाख 50 हजार सीरियाई मुस्लमान ऐसे हैं जिनको बाकायदा सीरिया की सरकार ने रजिस्टर्ड किया है जिसमे कुछ स्थाई और कुछ अस्थाई रजिस्टर्ड हैं . वहीँ एक अनुमान के अनुसार लगभग 1 लाख सीरियाई शरणार्थी इस समय तुर्की में ऐसे भी हैं जिनका कोई लेखा जोखा नहीं है . जुलाई से अब तक तुर्की पुलिस लगभग 6 हजार मुसलमानों को गिरफ्तार कर चुकी है जिसमे 1 हजार सीरियाई हैं.

माना ये जा रहा है कि इस समय तुर्की में युद्ध के चलते घुसपैठ करने वाले कुल मुसलमानों की संख्या लगभग 5 लाख 47 हजार है .. तुर्की अब किसी और मुस्लमान शरणार्थी को अपने देश में लेने के लिए तैयार नहीं हो रहा है जबकि वो दुनिया के बाकी देशो से अपने देश में मुसलमानों को खुश रखने की हिदायत दे रहा है . फ़िलहाल कट्टरपंथ की जकड़ में कसता जा रहा तुर्की आने वाले समय में तालिबान जैसे देश में परिवर्तित नही होगा ये कहना मुश्किल है .

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