रोहिंग्या के लिए दर्द दिखाते 9 देशों में बिकी ISIS के चंगुल में फंसी एक लड़की… होता रहा बलात्कार

दुनिया में मजहबी क़ानून लागू कराने के लिए नरसंहार कर रहा इस्लामिक आतंकी दल आईएसआईएस किस कदर कहर बरपा रहा है इसकी आपबीती उस पीडिता ने सुनाई है जिसे ISIS ने कैद किया तथा फिर देशों में उसको बेचा. ISIS के चंगुल से बाहर आई पीड़ित लैला तालो खुधेर ने आपबीती सुनाई है, जिसे सुनकर हर किसी सकते में है. उसने यह आपबीती मुंबई प्रेस क्लब में सुनाई है. उसने बताया कि उसे कई बार बेचा गया है और उसके साथ बलात्कार किया गया है.

लैला तालो खुधेर ने बताया कि साल 2014 वह सिंजर जिले में सुबह गर्मी की छुट्टियों का आनंद ले रही थीं और दोस्तों व रिश्तेदारों के बीच मिठाइयों का आदान आदान-प्रदान करने के लिए लोग एकत्रित हुए थे। इसी दौरान इलाके में कुछ हथियारों से लैस होकर आए लोगों के बारे में पता चला. खबरों के मुताबिक, उस समय लैला तालो खुदेर की उम्र 26 साल थी जिस समय आईएसआईएस के लोग उत्तरी इराक में एक अभियान के दौरान कुर्दिस्तान के कोचो में 3 अगस्त 2014 को उनके गांव पहुंचे थे. उनका मकसद हजारों लोगों को मारने और विस्थापित करने व गुलाम बनाने का था. उन्होंने आगे बताया कि उनके क्षेत्र में आए आईएसआईएस के लोगों की सूचना मिलने के बाद वह अपने दो बच्चों, पति और परिवार के साथ भाग गईं, लेकिन अगली ही सुबह उन सभी में से 19 लोगों को पकड़ लिया गया, जिसके बाद उनकी मां, छह भाइयों और सौतेले भाइयों को मार डाला गया. वहीं, उन्हें सेक्स स्लेव बना दिया गया.

लैला ने अपने दो साल, आठ महीने और छह दिन की पीड़ा को शेयर करते हुए बताया कि आईएसआईएस के चंगुल से भागने से पहले 9 देशों में उन्हें बेचा गया। इस दौरान उनके साथ कई बार बलात्कार किया गया। इसमें इराक, बगदाद और सऊदी अरब शामिल हैं. इसके अलावा उनका कहना था कि जिस तरह से उन्होंने पीड़ा झेली है उसी तरह भारी संख्याओं में महिलाएं दर्द झेल रही हैं और उनकी जिंदगी आईएसआईएस के चंगुल में फंसी हुई है. आपको बता दें कि जिन देशों में लैला को बेचा गया वो देश म्यांमार में बौद्ध तथा हिन्दुओं के हत्यारे रोहिंग्याओं के लिए दर्द दिखाते हैं.

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