अलविदा सुषमा स्वराज जी: सुषमा स्वराज के कुछ ऐसे किस्से. जिन्हें देश ही नहीं बल्कि दुनिया ने भी सराहा

वो भारत का नाज़ थीं , एक बुलंद आवाज़ थीं,
राष्ट्रीयता से ओतप्रोत , वो सुषमा स्वराज थीं.

जब वो बोलतीं थी तो पक्ष के हों या विपक्षी, सभी आत्ममुग्ध होकर उनको सुनते थे. उनकी आवाज में ओज था, विचारों में ताजगी थी, हौसले बुलंद थे. उन्होंने चाहे किसी चुनावी सभा में बोला हो, किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में बोला हो या फिर सदन में बतौर मंत्री या विपक्ष की नेता के तौर पर बोला हो, लोग उनके भाषण के कायल होकर रह गये. सुषमा स्वराज जी भारतीय राजनीति का ऐसा सलोना और आकर्षक तथा ज्वलंत चेहरा थीं जो विपक्ष को भी प्रशंसा के लिए बाध्य कर देतीं थी. उनकी निर्णय क्षमता का तो पूरी दुनिया ने लोहा माना था.

न सिर्फ राजनेताओं बल्कि आम जनता के बीच भी सुषमा स्वराज काफी लोकप्रिय थी. जनता के बीच उनकी लोकप्रियता उस समय और ज्यादा परवान चढ़ी जब मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वह विदेश मंत्री बनी. विदेश मंत्री बनने के बाद सुषमा जी ने अपने मजबूत इरादों का हर मोर्चे पर सशक्त परिचय दिया चाहे वह बीमारी के दौरान लगातार ट्वीट कर अपनी सलामती की सूचना देना हो, चाहे मुसीबत में फंसे किसी इंसान की गुहार पर तत्काल कार्यवाही करना हो. चाहे संसद में पाकिस्तान को जवाब देना हो चाहे अपने मंत्रालय की नीतियों को स्पष्ट करना हो। सुषमा स्वराज ने अपने फैसलों से देश के साथ दुनिया की जनता का भी दिल जीता, उन्हें अपना मुरीद बनाया.

सुषमा स्वराज जी के ऐसे किस्से, जिसने उन्हें लोकप्रियता के शिखर पर पहुंचा दिया

 देश उनकी भावनात्मक ताकत के समक्ष तब झुक गया जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यमुना एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटना में घायल एक इतालवी नागरिक की सहायता की. जियोवानी फैरिस सहित चार व्यक्ति यमुना एक्सप्रेस वे पर दो कारों की टक्कर में घायल हो गए थे. किसी ने सुषमा को ट्वीट किया कि हादसे में फैरिस गंभीर रूप से घायल हो गया है और कैलाश अस्पताल में अकेला है. सुषमा ने जवाब दिया कि वह अकेला नहीं है. वह भारत में है। मैंने कैलाश अस्पताल में बात की. वे उसकी देखभाल करेंगे.

— अमेरिका के वाशिंगटन राज्य में 14 वर्षीय एक सिख लड़के को उसके सहपाठी ने घूंसे मारे और उसे जमीन पर पटक दिया. सिख लड़के के पिता का दावा था कि उसके बेटे को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह भारतवंशी है. सुषमा ने ट्वीट किया, ‘मैंने अमेरिका में सिख लड़के की पिटाई के बारे में खबरें देखी हैं. मैंने अमेरिका में भारतीय दूतावास से घटना के संबंध में रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है.

— संकट में घिरे व्यक्तियों की मदद की गुहार पर एक बार फिर त्वरित प्रतिक्रिया करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज कुआलालंपुर के एक भारतीय परिवार की मदद के लिए आगे आईं. विदेश मंत्री से कुआलालंपुर में एक भारतीय परिवार ने मदद मांगी थी, जिसके जवाब में उन्होंने कुआलालंपुर स्थित भारतीय दूतावास को परिवार की मदद करने का निर्देश दिया और सप्ताहांत में अवकाश होने के बावजूद दूतावास को भारतीय परिवार को यात्रा दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा. सुषमा की यह प्रतिक्रिया किसी मीरा रमेश पटेल की गुहार पर आई थी. मीरा ने सुषमा से दखल देने की मांग करते हुए कहा था कि उनका परिवार हवाईअड्डा पर है और उनका पासपोर्ट खो गया है. मंत्री ने ट्वीट किया, ‘मलेशिया में भारतीय दूतावास : यह एक आपात मामला है. कृपया दूतावास खोलें और भारतीय परिवार की मदद करें.’ सुषमा के अनुरोध के जवाब में मलेशिया स्थित भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया कि परिवार के सदस्यों से संपर्क कर लिया गया है और मामला सुलझाया जा रहा है.

— तमिलनाडु घूमने आए 24 वर्षीय रूसी युवक के एटीएम कार्ड का पिन लॉक हो गया जिसकी वजह से वह धन नहीं निकाल पाया और उसे भीख मांगना पड़ा. जानकारी मिलने पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने एक रूसी युवक को मदद का भरोसा दिया. सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, ‘इवनगेलीन, आपका देश रूस हमारा मित्र ह.  चेन्नई में मेरे अधिकारी आपकी हर संभव मदद करेंगे. इसके बाद उस रूसी युवक की मदद की गई.’

— विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान से 2015 में लौटी मूक-बधिर भारतीय लड़की गीता को उसके माता-पिता से मिलवाने में सहयोग करने के लिए एक लाख रुपए इनाम की घोषणा की. सुषमा ने एक वीडियो अपील में कहा कि किसी लड़की को उसके माता-पिता से मिलवाने से बेहतर काम कुछ नहीं हो सकता. उन्होंने लोगों से अपील की कि करीब 12 वर्ष पहले लापता गीता के परिवार के बारे में जानने वाले लोग आगे आएं.

— एक ट्वीट में अनुषा धुलिपाला ने बताया कि वह अमेरिका में पढ़ती है और उसका पासपोर्ट खो चुका है, जिसके कारण वह कहीं यात्रा नहीं कर सकती. उसने लिखा, ‘सुषमा स्वराज मुझे वाकई में आपकी मदद की जरूरत है क्योंकि उनका कहना है कि मुझे अपना वीजा लाने के लिए भारत जाना होगा और इस वक्त मेरी परीक्षाएं चल रही हैं और मैं बिना पासपोर्ट के जल्द यात्रा नहीं सकती.’ इस मामले में विदेश मंत्री ने वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास से अपना पासपोर्ट खो चुकी इस भारतीय छात्रा की मदद करने का अनुरोध किया तथा उसकी मदद की गई.

 संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाक प्रधानमंत्री शाहिद खकान अब्बासी ने भारत के खिलाफ जहर उगला जवाब में सुषमा स्वराज जी ने अपने प्रभावशाली भाषण में पाकिस्तान को 9 मिनट तक आड़े हाथों लिया. पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद आतंकी गतिविधियां उनके भाषण का मुख्य मुद्दा था. सुषमा जी ने कहा पहले गुड और बैड आतंकवाद की बात होती थी. जब से अमेरिका और यूरोप के देश आतंक की गिरफ्त में आए हैं, समझ में आया आतंकवाद केवल बुरा होता है. पहले आतंकवाद को देश की कानूनी समस्या कहा जाता था, अब तो यूरोपियन देश भी आतंकी हमलों से परेशान है.

हम अभी तक आतंकवाद को परिभाषित भी नहीं कर सके हैं. आतंकवाद न तेरा है न मेरा, बस आतंकवाद है. ‘मानवता के लिए खतरा’ पाकिस्तान आतंकवाद में हैवानियत की हदें पार कर चुका है. सुषमा ने अपने भाषण में कहा कि भारत और पाकिस्तान एकसाथ आजाद हुए थे. आजाद होने के बाद आज भारत डॉक्टर और वैज्ञानिक पैदा कर रहा है तो पाकिस्तान आतंकवादी और जिहादी पैदा कर रहा है. भारत ने आईआईटी, आईआईएम, एम्स जैसे संस्थान बनाए तो पाकिस्तान ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन पैदा किए.
 संयुक्त राष्ट्र में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दुनिया के सामने पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश किया. राइट टू रिप्लाई के तहत पाकिस्तान की संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने एक जख्मी लड़की की तस्वीर दिखाई जिसका भारत से कोई लेना-देना नहीं था. तस्वीर दिखाते हुए लोधी ने कहा कि यह भारत के लोकतंत्र की असली तस्वीर है. इस तस्वीर में एक लड़की का चेहरा बुरी तरह जख्मी था. लोधी ने आरोप लगाया कि भारतीय सुरक्षाबलों की ज्यादती की वजह से लड़की की यह हालत हुई है. फोटो दिखाए जाने के बाद कुछ ही देर में तस्वीर की सच्चाई का खुलासा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. दरअसल यह तस्वीर 2014 की गाजा की थी.
— विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मैक्सिको में आए जबर्दस्त भूकंप में भारतीय सुरक्षित होने का ट्वीट कर देशवासियों को तसल्ली दी. मैक्सिको में आए 7.1 तीव्रता वाले भूकंप में कम से कम 225 लोगों की मौत हो गई थी. इनमें 21 स्कूली बच्चे भी शामिल थे. सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर कहा, ‘मैंने मैक्सिको में अपने राजदूत से बातचीत की है. सभी भारतीय सुरक्षित हैं.’

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी एवं सलाहकार इवांका ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र से इतर मुलाकात की. इवांका ने सुषमा को करिश्माई विदेश मंत्री बताया. इवांका ने बैठक के बाद एक ट्वीट में कहा, ‘हमने अमेरिका और भारत में महिलाओं की उद्यमिता, आगामी जीईएस 2017 और कार्यबल विकास पर चर्चा की. मैं लंबे समय से भारत की कुशल एवं करिश्माई विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का सम्मान करती हूं. उनसे मिलना सम्मान की बात है.’
— साल 2017 में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जिस तरह मंत्रालय से जुड़े मामलों को निपटाती रहीं, उनकी ख्याति सीमा पार दुश्मन देश पाकिस्तान में भी बढ़ गई. पाकिस्तान से इलाज कराने के लिए काफी लोग भारत आते रहे. ऐसे में सुषमा उनके वीजा संबंधी मामलों में आगे बढ़कर मदद करती थीं और उन्हें तत्काल वीजा दिलवाने की व्यवस्था करवाती थीं. सुषमा स्वराज ने जब एक पाकिस्तानी नागरिक की मदद की, तो हिजाब आसिफ नाम की एक पाकिस्तानी महिला इतनी भावुक हो गई कि उसने ट्विटर पर सुषमा स्वराज के लिए मैसेज किया कि काश आप मेरे देश की प्रधानमंत्री होतीं तो मेरा देश बदल जाता. इस महिला ने एक बीमार व्यक्ति की मदद के लिए सुषमा से गुहार लगाई थी, जिस पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए मदद मुहैया करवाई.
— सुषमा ने जब कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पहले जत्थे को रवाना किया तो यात्रा का आंनद और पुण्य मिलने की कामना करते हुए उन्होंने यात्रियों से आग्रह किया कि वे यात्रा मार्ग को गंदा नहीं करें और पहले से मार्ग पर गंदगी कहीं बिखरी मिले तो मिलकर साफ करें. इससे कैलाश मानसरोवर यात्रा करने का पुण्य ज्यादा मिलेगा.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हर बड़ी जिम्मेदारी का निर्वहन सोशल मीडिया के माध्यम से किया. देश अभिभूत हो गया जब ईरान ने 25 भारतीय मछुआरों को रिहा किया तो उसकी जानकारी सुषमा जी ने कुछ इस तरह से दी… मुझे तमिलनाडु के 25 भारतीय मछुआरों की रिहाई और उन्हें वापस बहरीन भेजे जाने की जानकारी देते हुए खुशी हो रही है. इन्हें ईरानी कोस्टगार्ड ने मार्च 2017 से 5 बहरीनी नौकाओं के साथ हिरासत में रखा हुआ था. स्वराज ने रिहाई को सुगम बनाने के लिए अथक प्रयासों के लिए तेहरान स्थित भारतीय दूतावास का भी शुक्रिया अदा किया.
— यह सुषमा स्वराज का ही दमखम था कि भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी और चुनौती दी. उन्हीं के प्रयासों का नतीजा था कि पाक कुलभूषण से उनकी मां और पत्नी को मिलवाने के लिए बाध्य हुआ. सुषमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि जाधव को बचाने के लिए जो कुछ भी करना पडे, वह किया जाएगा. जाधव को मौत की सजा होने के तीन घंटे के भीतर सरकार सक्रिय हो गई और यह मामला पाकिस्तान से उच्च स्तर पर उठाया गया. इसके लिए विदेश सचिव एस. जयशंकर ने पाकिस्तानी उच्चायुक्त को तलब किया और उन्हें भारत की कडी प्रतिक्रिया से अवगत कराया गया. जब पाकिस्तान में कुलभूषण की पत्नी और मां के साथ हुए दुर्व्यवहार की खबरें आई तो सुषमा ने कड़े शब्दों में पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया.

श्रीमती स्वराज को गुर्दे की समस्या के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया था. उनके गुर्दों का प्रत्यारोपण किया गया था. लेकिन अपनी इच्छा शक्ति और बुलंद हौसलों से वह शीघ्र स्वस्थ होकर संसद में लौटी तो इस पर सभी दलों के सदस्यों ने मेज थपथपाईं थी. स्वराज ने कहा कि सबकी शुभकामनाओं और मेरे कृष्ण के आशीर्वाद का ये परिणाम है कि इतनी अस्वस्थता के बावजूद वह ठीक हो कर सदन में आई हैं. इसके लिए वह हृदय से सबका आभार मानतीं हैं. इस पर सदन में सभी सदस्य अपने स्थानों पर खड़े हो गए और मेज़ें थपथपाकर भावपूर्ण ढंग से स्वागत किया. सुषमा स्वराज ने भी पूरी विनम्रता से हाथ जोड़कर उन सबका अभिवादन किया.
बाद में उन्होंने अमेरिका में प्रवासी भारतीयों पर हुए हमलों पर एक बयान पढ़ा और खड़गे के सवालों का जोरदार ढंग से जवाब दिया। इस पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि कि बहुत दिनों बाद आपकी दमदार आवाज सदन में गूंजी है. अच्छा लगा. अस्वस्थता के बावजूद सुषमा अपने मंत्रालय की फाइलें घर से ही लगातार निपटाती रहीं. वे इस दौरान ट्विटर पर लगातार सक्रिय रहीं और फोन के मध्यम से अपने कैबिनेट के सहयोगियों और बाकी नेताओं के साथ संपर्क में रहीं.
— पाकिस्तान में एक व्यक्ति से शादी करने को मजबूर की गई एक भारतीय महिला उजमा को अपने देश वापिस लौटाने में सुषमा जी ने अहम भूमिका निभाई. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उजमा को ‘भारत की बेटी’ बताते हुए उसकी घर वापसी का स्वागत किया. सुषमा ने ट्वीट किया, ‘आपको जिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा, उसका मुझे दुख है.’ नई दिल्ली की रहने वाली उजमा ने ताहिर अली पर आरोप लगाया कि उसने पाकिस्तान में उसके साथ जबरन शादी की थी. उजमा ताहिर से मलेशिया में कई बार मिली थी और उससे प्रेम करती थी. उजमा ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अनुरोध किया था कि उसे तत्काल घर लौटने की इजाजत दी जाए क्योंकि पहले विवाह से उसकी बेटी है जो भारत में है और थेलेसीमिया से पीड़ित है. इस फैसले के कारण सुषमा जी की आलोचना तथा प्रशंसा दोनों हुई थीं.

अदालत ने उजमा को उसके आव्रजन संबंधी दस्तावेज भी लौटा दिए जो उसके मुताबिक अली ने उससे ले लिए थे. अली ने अदालत के आदेश पर ये दस्तावेज जमा करवा दिए थे. उजमा ने आरोप लगाया था कि ताहिर ने बंदूक की नोक पर उसे विवाह करने को मजबूर किया। उसके बाद से वह इस्लामाबाद में भारतीय मिशन में रह रही थी. उजमा ने कहा कि कि सुषमाजी और भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने मेरी काफी मदद की. बिना इनकी मदद के मेरा बचना और लौटना संभव नहीं था. उजमा ने कहा कि आज मुझे पहली बार महसूस हुआ कि मेरी जिंदगी भी इतनी मूल्यवान है. मैं यह कहना चाहती हूं कि भारतीय नागरिक होना अपने आप में बड़ी बात है. भारत में जितनी स्वतंत्रता है, वैसा कहीं भी नहीं है. पाकिस्तान जाना आसान है लेकिन लौटना मुश्किल है.
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