कुछ सेकुलर मांग रहे हैं रमजान में सेना से सीजफायर.. लेकिन ये रहा इस्लामिक आतंकी समूह “तालिबान” का एलान


वो हालत बेहद विडम्बना के होते हैं जब एक वर्ग ख़ामोशी की बात जिसके लिए करता है वही समूह खुद ही खामोश न रहने का एलान करता है . वर्तमान समय में मुसलमानों का रमजान माह चल रहा है जिसमें लगातार रोज़े रखने के बाद अब ईद आ रही है . ईद के लिए मुसलमानों की तैयारी देखते ही बनती है लेकिन वही कुछ ऐसे समूह हैं जो आतंकवाद को ही अपना लक्ष्य मान कर चल रहे हैं.. उन्ही में से ISIS , अल कायदा, लश्कर ए तोइबा , हिजबुल मुजाहिदीन और तालिबान आदि शामिल है .

विदित है कि इस्लामिक देशो में लड़ी जा रही जंगो के खिलाफ कई सेकुलर और मानवाधिकार की संस्थाए दुर्दांत आतंकियों के खिलाफ भी आतंकवाद के खिलाफ जंग लड़ रही कई देशो की सामूहिक सेनाओं से शांति की अपील कर रहे हैं . सेकुलर और मानवाधिकार समूहों का कहना है कि रमजान महीने के बाद ईद में आतंक की राह चले गये उन सभी मुसलमानों को शांति से ईद मनाने की छूट मिलनी चाहिए .. इसके लिए बाकायदा प्रदर्शन आदि भी किये जा रहे हैं .

लेकिन वहीँ दूसरी तरह खून की होली खेल रहे इस्लामिक आतंकी समूह तालिबान ने उन सभी सेकुलर और मानवाधिकार समूहों को अपने बयानबाजी पर पुनर्विचार करने पर मजबूर कर दिया है . अफगानिस्तान में अनगिनत लोगों को मौत के घाट उतार चुका आतंकी दल तालिबान खुल कर बोला कि उसके द्वारा खून की होली ईद के दिन भी खेली जायेगी और किसी भी तरह की कोई रियायत इसमें नहीं होगी . तालिबान के कमांडर मुल्ला हैबतुल्लाह ने कहा है कि ये जंग जारी रहेगी ईद के दिन भी . जिहाद का नाम लेते हुए मुल्ला हैबतुल्लाह ने कहा कि गर्मागर्म इस माहौल पर हम ठंडा पानी नहीं पड़ने देंगे और जंग जारी रहेगी . तालिबान के इस एलान के बाद फिलहाल उस से शांति वार्ता की पैरवी करने वाले और मानवता आदि के नाम पर ईद व रमजान में सीज फायर मांगने वाले खामोश हैं .


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