उत्तराखंड आपदा में कई विकृत मानसिकता के लोगों ने भले ही किये थे अजीब कमेन्ट, लेकिन सुनामी प्रभावित इस्लामिक मुल्क इंडोनेशिया के लिए ये रहा भारत का संदेश


बहुत ज्यदा समय नहीं बीता है अभी जब प्रकृति की गोद में बसे उत्तराखंड को एक भीषण विभीषिका झेलनी पड़ी थी . उस समय हर तरफ त्राहि त्राहि मची थी और हर कोई धार्मिक मानसिकता का , इन्सनियत को ऊपर रखने वाला बढ़ चढ़ कर इस आपदा से पीडितो के लिए अपने अपने सामर्थ्य से सहयोग कर रहा था . लेकिन ठीक उसी समय कई बेहद विकृत मानसिकता के लोगों ने एक प्रकार से मोर्चा जैसा खोल दिया था और इस आपदा को बना दिया एक प्रकार से अपने मजहब का प्रचार करने के लिए और दूसरों के मत को नीचा दिखाने के लिए एक हथियार के समान ..

लेकिन अभी हाल में ही सुनामी की विभीषिका को झेल रहे इंडोनेशिया को भारत ने दिया है एक बड़ा संदेश जिसमे दिखाई देती है भारत और भारतीयों की वो सोच जो उन्हें संसार के सबसे सहिष्णु लोगों में शुमार करती है . ये संदेश भारत सरकार की विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज जी की तरफ से इण्डोनेशियाई सरकार के साथ साथ वहां इस आपदा से जूझ रही जनता को सम्बोधित करते हुए दिया गया है जिसके बाद इंडोनेशिया के लोगों का हौसला बढा है .

ध्यान देने योग्य है कि इंडोनेशिया में हुए जानमाल के व्यापक स्तर पर नुकसान पर गहरा शोक प्रकट करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को कहा कि इस दुख की घड़ी में भारत, इंडोनेशिया के साथ मजबूती से खड़ा है। इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय को टैग करते हुए सुषमा स्वराज ने अपने एक ट्वीट में कहा कि इंडोनेशिया के सुंडा जलडमरूमध्य के तटीय इलाके में आयी सुनामी के कारण मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करती हूं । इस दुख की घड़ी में हमारी संवेदनाएं उनके साथ है और हम इंडोनेशिया के अपने भाई-बंधुओं के साथ मजबूती से खड़े है।  इंडोनेशिया में रविवार को शक्तिशाली सुनामी के कारण कम से कम 281 लोग मारे गए और कई लोग घायल हो गये। इस से पहले भी भारत इंडोनेशिया को पहले आई सुनामी में नौसेना और वायुसेना की मदद दे चुका है .


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