जानिये मानवाधिकार आयोग के उस प्रमुख का नाम जो तुला है जबरदस्ती रोहिंग्या हत्यारों को भारत में रखने पर


वो किसी और देश पर ये दबाव नहीं बना रहा है . उसको रोहिंग्या के लिए सबसे बेहतर भारत ही दिख रहा है . उसको केवल अत्याचारी भारत दिख रहा है . उसको दिक्कत है भारत की आंतरिक सुरक्षा चिंताओं पर लिये गए कदम से . उसकी इच्छा है की भारत सरकार उसके हिसाब से चले , उसको कभी भी श्रीलंका में तमिलों की दिखात नहीं दिखी , उसने कभी भी कश्मीर के हिन्दुओं की आवाज में हामी नहीं भरी , उस को कभी इराक में यज़ीदियो की चीखे नहीं सुनाई दी है . पर देखिये तो , वो बौद्धों के बाद अब जुट गया है हिन्दुओं के ऊपर …

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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख के पद पर बैठ कर केवल हिन्दू और बौद्ध के खिलाफ जहर उगलने वाले उस तथाकथित और एकपक्षीय बात करने वाले व्यक्ति का नाम है जेड बिन राद अल हुसैन जो भारत की इस बात पर आलोचना कर रहा है की भारत उन सभी लाखों रोहिंग्या दंगाइयों को अपने देश में रख कर उन्हें शरण और अन्य सुविधाएँ क्यों नहीं दे रहा है ..
उसे इस बात से बेहद दिक्कत है की भारत सरकार रोहिंग्या मुसलमान को जल्द से जल्द अपना नागरिक क्यों नहीं बना लेती है ? वो चाहता है की भारत सकरार रोहिंग्या दंगाइयों को वापस भेजने का फैसला तत्काल वापस ले .. उसने एक बार भी किसी मुस्लिम देश को दबाव में नहीं लिया अपने देश में उन्हें शरण देने का , हां उसको केवल भारत में ही कमी दिख रही क्योंकि यहाँ का शासन और प्रशासन अब तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति से ऊपर उठ कर केवल और केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर ध्यान दे रहा है .   यदि ऐसे किइस अल हुसैन की बात पर ध्यान न दिया जाय तो भारत की तमाम जनता ये चाहती है की बिना विलम्ब के अब इन सभी अवैध घुसपैठियों को बाहर निकाला जाय जिन्होंने दुनिया के सबसे शांत बौद्धों का भी जीना हराम कर दिया और उनके देश को आग लगा कर उस स्थान पर आ गया जो दुनिया के आतंक प्रभावित देश की लिस्ट में बहुत ऊपर है . 


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