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इजरायल पुलिस की कार्यवाही के आगे फिलिस्तीनियों ने खड़े कर दिए 2 नाबालिग बच्चे.. अगला निर्णय इजरायलियो का था

ऐसे हालत भारत के आगे भी कई बार बनाए गये हैं . अभी कश्मीर में भी एक नाबालिग की मौत को मुद्दा बनाया जा रहा है जो अपने साथियों की पत्थरबाजी की चपेट में आ कर मारा गया लेकिन उसको झूठी खबरों के माध्यम से सेना के हाथो मरा हुआ बताया जा रहा है.. इसी दुष्प्रचार में कथित टुकड़े टुकड़े समूह की शेहला राशिद पर मुकदमा भी दर्ज हो गया है.. बच्चो की मौत का आरोप अफगानिस्तान में अमेरिकी फौजों और सीरिया में रूसी सैनिको पर भी लगाया जाता रहा है .

इजरायल ने इस से पहले कई बार ये साबित किया है कि इस्लामिक आतंकी दल हमास ने कई बार मासूम बच्चो को मौत का सामान बना कर मानव बम के रूप में भेजा जिसके चलते तमाम सैनिक तमाम बारे मारे गये थे.. इस्लामिक स्टेट द्वारा बच्चो को ढाल बनाना ISIS के अंतिम गढ़ में भी सामने आया था जिसमें घरो में आतंकियों ने बच्चो को एक शील्ड की तरह प्रयोग किया जिस से कार्यवाही में उनकी मौत पर हंगामा किया जा सके .. एक बार फिर से इजरायल की पुलिस के आगे खड़े कर दिए गये थे 2 फिलिस्तीनी नाबालिग.

यद्दपि उन नाबालिगो को ये भी नहीं पता था कि वो कर क्या रहे है.. लेकिन बचपन से सिर्फ इतना सिखाया गया था उन्हें कि इजरायली उनके दुश्मन हैं और वो जमीन उन्हें लेनी है , बस यही भावना थी उनके पीछे जो वो इजरायल पुलिस के आगे आ कर खड़े हो गये . इजरायल पुलिस ने ज्यादा समय नहीं लिया अपने राष्ट्र हित में अपना निर्णय लेने में और बन्दूको के मुह खोल दिए.. इस कार्यवाही में वो दोनों नाबालिग मारे गये हैं जो आकाओं के इशारे पर पुलिस के सामने आ गये थे .

समाचार एजेंसी रायटर की रिपोर्ट के अनुसार, इजराइली सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को गाजा-इजराइल सीमा पर विरोध प्रदर्शन के दौरान 14 वर्षीय लड़के सहित दो फिलिस्तीनी किशोरों की गोली मार दी। गोली लगने से दोनों किशोर मौके पर ही मारे गये हैं . फिलीस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि मृतकों का नाम खालिद अल-रबाई, 14, और अली अल-अश्कर, 17 है। इसके अलावा सत्तर प्रदर्शनकारियों को जख्मी कर दिया गया था, जिनमें से 38 आग से जख्मी हुए है..

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