यदि सच में भारत के बाहर धर्मनिरपेक्षता ज़िंदा होती तो सऊदी गए हिन्दू युवक का ऐसा क्यों होता हाल ?

धर्मनिरपेक्षता शब्द की असली परिभाषा लिखी है इस्लामिक मुल्क सऊदी अरब ने जहाँ ट्विटर पर पैगंबर मोहम्मद के बारे में आलोचनात्मक टिप्पणी करने की वजह से एक भारतीय हिन्दू शख्स को 10 साल की सजा सुनाई गई है. दक्षिण भारत के राज्य केरल के रहने वाले राधाकृष्णन नायर ने कहा कि उनका 28 साल का बेटा विष्णु देव राधाकृष्णन पिछले साल जून से सऊदी की जेल में बंद है. विष्णु के परिवार वालों ने विदेश मंत्रालय को लेटर लिखकर अपने बेटे को सऊदी से बाहर निकालने के लिए सरकार से मदद मांगी है. विष्णु के परिवार वालों की माने तो सोशल मीडिया पर किंगडम के खिलाफ लिखने और ईशनिंदा के आरोप मे उनके बेटे को जेल भेजा गया है.

ईशनिंदा के आरोप में सऊदी की सरकार ने विष्णु को 10 साल की सजा सुनाने के अलाव उस पर 28 लाख 50 रुपये का भी जुर्माना लगा गया है. विष्णु के पिता ने कहा, ‘मेरा बेटा मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद वहां पिछले छह सालों से प्लानिंग इंजीनियरिंग के रूप में काम कर रहा था. ब्रिटेन की रहने वाली एक मुस्लिम महिला से उसकी दोस्ती हुई थी. ट्विटर पर जब उस महिला ने हिंदू देवी-देवताओं के बारे में ट्वीट कर आलोचनात्मक टिप्पणी की, तो विष्णु ने भी उसके जवाब में पैगंबर मोहम्मद से जुड़े कुछ सवाल जवाब कर दिये.’

इसके बाद विष्णु को 7 जून 2018 को गिरफ्तार कर लिया गया और 13 सितंबर को 1.5 लाख सऊदी रियाल का जुर्माना लगाकर पांच साल की सजा सुनाई गई. हालांकि, पिछले सप्ताह ही 24 जनवरी को विष्णु की सजा बढ़ाकर 10 साल कर दी. राधाकृष्णन ने कहा कि इस बारे में उन्होंने भारत के विदेश मंत्रालय और सुषमा स्वराज से भी मदद मांगी है, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया है. विष्णु के पिता एयर फोर्स से रिटायर्ड हैं, जिन्होंने 21 साल तक देश की सेवा की है.

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