एयरफ़ोर्स के नए मुखिया के बयान के बाद पाकिस्तान में कोहराम.. पाकिस्तानी सेना ही नहीं वहां के कट्टरपंथी भी बेचैन

बीएस धनोआ के सेवानिवृत्त होने के बाद भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख बने एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने देश के दुश्मनों को लेकर तीखे तेवर अख्तियार कर लिए हैं. भारतीय वायुसेना का पदभार  ग्रहण करने के बाद एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने बड़ा बयान दिया है, जिसके बाद पाकिस्तान में खलबली  मच गई है. एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया के इस बयान के बाद पाकिस्तानी सत्ताधीस तथा सेना ही नहीं बल्कि वहां के कट्टपंथी भी बेचैन हो उठे हैं.

इंडियन एयरफ़ोर्स के नए चीफ आरकेएस भदौरिया ने कहा है कि वायु सेना पश्चिमी मोर्चे के घटनाक्रम पर नजर रख रही है और अगर सरकार निर्देश देती है तो वह बालाकोट की तरह ही एक और बड़ी स्ट्राइक करने को तैयार हैं. भदौरिया को 26 तरह के विमानों को तकरीबन 4,250 घंटों तक उड़ाने का अनुभव है. उन्होंने 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए वाणिज्यिक वार्ता का नेतृत्व किया था. उन्होंने कहा कि राफेल लड़ाकू विमान को शामिल किये जाने से भारतीय वायुसेना की क्षमता में इजाफा होगा.

एयरफ़ोर्स के चीफ भदौरिया ने कहा, हम घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं और मैं देश को एक बार फिर आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम उस हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं, जहां हमारी सेवा की जरूरत देश को होगी. वायुसेना प्रमुख से जब थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की पाकिस्तान के बालाकोट में फिर से आतंकी शिविरों के सक्रिय होने की टिप्पणी और सीमा पार दूसरा हमला करने की तैयारी के संबंध में पूछा गया तो, उन्होंने कहा, हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं और सरकार से निर्देश मिलने पर किसी भी अभियान को अंजाम देंगे.

भदौरिया ने कहा कि वायु सेना बालाकोट जैसे मिशन के लिए तैयार है. इस पर विस्तार से जानकारी दिये बिना उन्होंने कहा कि वायु सेना महत्वपूर्ण युद्धक क्षमताओं को हासिल करने की प्रक्रिया में है. इससे वायु सेना की अभियानगत क्षमता बढ़ेगी. उन्होंने कहा, हम हमेशा सावधान हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. भदौरिया ने कहा कि राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद से वायु सेना की युद्धक क्षमताओं को बढ़ावा मिलेगा. आठ अक्टूबर को पेरिस में एक समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 36 में से पहला राफेल जेट प्राप्त करेंगे.

भदौरिया ने जून 1980 में भारतीय वायु सेना के फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्‍त किया था और वह विभिन्न कमान, स्टाफ और इंस्ट्रक्शनल पदों पर रहे हैं. राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र भदौरिया ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित ‘स्वोर्ड ऑफ ऑनर’ पुरस्कार भी जीता. एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने कहा कि दुनिया की सबसे बेहतरीन वायु सेनाओं में से एक की कमान संभालते हुए वह जिम्मेदारी और सम्मान की भावना महसूस कर रहे हैं.

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