जानिए दुनिया के दस दुर्दांत इस्लामिक आतंकी संगठन : जिनने मचा रखा है पूरी दुनिया भर में कोहराम

इस्लाम भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए आतंक का चेहरा बना गया है। पूरी दुनिया में इस्लाम ने अपने नापाक इरादों से लाखों करोड़ों निर्दोष लोगों की हत्या बिना किसी कारण कर दी। ये इस्लामिक आतंकवादी अलग-अलग रूपों में, कई सगठनों में है। जिनमे 10 संगठन प्रमुख है।

इस्लामिक स्टेट सीरिया एंड इराक (ISIS)
: आईएसआईएस को अल बगदादी द्वारा स्थापित किया गया है। आईएसआईएस संगठन सीरिया और इराक में काफी सक्रिय है। इस संगठन का मकसद एशिया में आकर पूरी दुनिया में इस्लाम को बढ़ावा देना व शरिया कानून को लागू करना है। मौजूदा समय में यह संगठन काफी धनी है, व सक्रिय है।

अल कायदा : अलकायदा की स्थापना कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन ने की थी। यह दुनिया का पहला ऐसा संगठन है जिसने अपने आतंक को बढावा देने के लिए उच्च शिक्षित पुरूषों और महिलाओं का सहारा लिया। अल कायदा ने उन सभी को आत्मघाती बना दिया। ओसमा बिन लादेन सऊदी अरब की एक निजी बिल्डर कम्पनी के मालिक का बेटा था। अपनी बेहिसाब दौलत के जरिए ओसामा ने इस्लामिक संगठन के आतंक को और आगे बढ़ाया। अलकायदा की स्थापना इस्लामिक आतंकी संस्था के रूप में हुइ थी। अल कायदा के द्वारा अमेरिका में हुआ 11 सितम्बर का हमला अहम आत्मघाती हमला था। अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के इशारे पर 2 मई, 2011 को पाकिस्तान में मार डाला गया। इसके बाद इस आतंकी संगठन का नेतृत्व अयमल अल जवाहिरी कर रहा है।

तालिबान : इस आतंकी संगठन को 1994 में मुल्ला मोहम्मद उमर ने शुरू किया था। तालिबान का मकसद अफगानिस्तान में इस्लाम व शरीया को मनवाना था। अमेरिका की सेना ने तालिबान संगठन का पूरी तरह से नास कर दिया था, लेकिन यह आतंकी संगठन फिर से अफगानिस्तान में पनपने लगा है। शरिया कानून को लागू करने से महिलाओं को कई प्रकार की यतनाएं झेलनी पड़ी। तालिबान ने शरिया कानून के मुताबिक, अफगानी पुरुषों के लिए बढ़ी हुई दाढ़ी और महिलाओं के लिए बुर्का पहनने का फरमान जारी कर दिया था। टीवी, म्यूजिक, सिनेमा पर पाबंदी लगा दी गई। दस की उम्र के बाद लड़कियों के लिए स्कूल जाने पर मनाही थी। तालिबान ने 1996 में शासन में आने के बाद लिंग के आधार पर कड़े कानून बनाए। इन कानूनों ने सबसे ज्यादा महिलाओं को प्रभावित किया। अफगानी महिला को नौकरी करने की इजाजत नहीं दी जाती थी। लड़कियों के लिए सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के दरवाजे बंद कर दिए गए थे। किसी पुरुष रिश्तेदार के बिना घर से निकलने पर महिला का बहिष्कार कर दिया जाता है। पुरुष डॉक्टर द्वारा चेकअप कराने पर महिला और लड़की का बहिष्कार किया जाता है। इसके साथ महिलाओं पर नर्स और डॉक्टर्स बनने पर पाबंदी लगाई गई। तालिबान के किसी भी आदेश का उल्लंघन करने पर महिलाओं को निर्दयता से पीटा और मारा गया।

लश्कर-ए-तैयबा : ये एक ओर इस्लामिक आतंकी संगठन है। पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा मुंबई हमले के लिए जिम्मेदार माना जाता है। इसके आतंकवादियों ने मुंबई में 2006 में आतंकी हमला कर 166 लोगों की जान ले ली थी। इस संगठन का मुख्य काम भारत में आतंकी गतिविधियां फैलाना है। यह पूरे पाकिस्तान में मानवीय हितों की रक्षा करने वाले संगठन के नाम से जाना जाता है। इसके आतंकियों को पाकिस्तानी सेना और आईएसआई का संरक्षण हासिल है।  

बोको हराम : बोको हराम नाइजीरिया का प्रमुख इस्लामी आतंकी संगठन है। इसका एकमात्र मकसद पूरे नाइजीरिया में इस्लामीकरण को बढ़ावा देना है। इस संगठन के अनुसार- ‘पश्चिमी शिक्षा हराम है।’ जो भी इस संगठन के खिलाफ जाता है, उसे ये मारते हैं और जला भी देते हैं। बर्बरताओं और हत्याओं के मामले में यह आईएसआईएस से भी आगे है।  

पाकिस्तानी तालिबान : पाकिस्तान के पेशावर में आर्मी स्कूल के 132 बच्चों सहित 148 लोगों की हत्या करने वाला आतंकवादी संगठन है। इसे बहुत खतरनाक संगठनों में गिना जाता है। यह आतंकी संगठन दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठनों में से एक माना जाता है। पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा की हिमायती मलाला यूसुफजयी को गोली से मारने के लिए इसी के आतंकियों को जिम्मेदार माना जाता है।  

अल-नुसरा फ्रंट : अल-नुसरा फ्रंट को सीरिया में अल कायदा के नाम से जाना जाता है। पूरे विश्व के इस्लामीकरण के पक्ष में सक्रिय यह संगठन काफी खतरनाक है। पश्चिमी देशों के साथ इस संगठन का विरोध अक्सर देखा जा सकता है और इसे इसराइल के कट्‍टर शत्रुओं में गिना जाता है।

जेमाह इस्लामिया : जेमाह इस्लामिया दक्षिण-पूर्व एशिया में अल कायदा की एक शाखा है। इस संगठन ने 2002 में बाली में विस्फोट किया था जिसकी वजह से 202 लोगों की जानें गई थीं।

अल कायदा इन अरेबियन पेनिनसुला
: वर्ष 2006 में कई आतंकवादी गुटों का यमन में विलय होने के बाद इस संगठन का अस्तित्व सबके सामने आया। यह संगठन यमन में काफी सक्रिय है और वहां पूरी शिक्षा पद्धति, रहन-सहन को बदलने की कोशिश कर रहा है। पूरा आतंकी संगठन इस बात का ध्यान देता है कि आने वाली पीढ़ी केवल इस्लामी रिवाजों को माने।  

अबू सय्याफ : अबू सय्याफ दक्षिण-पूर्व एशिया में फिलीपीन्स देश का एक आतंकी संगठन है। इस संगठन का काम लोगों को लूटना है। फिलीपीन्स के सल्लू टापू और तटवर्ती पानी में अपहरण और फिरौती करके इसके सदस्य अपना खर्चा चलाते हैं।  

ये है दुनिया के 10 इस्लामिक आतंकी सगंठन जिसने पूरी दुनिया में आतंक फैला रखा है और जो पुरी दुनिया में इस्लाम को लागू करना चाहती है पर पूरी दुनिया में मानवता को बढावा देने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है और पुरी दुनिया ने इस्लाम के विरूद्व जंग छेड़ दी है।

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