मुस्लिम डॉक्टर के पास आती थी कोई अन्य धर्म की महिला तो वो कर देता था कुछ ऐसा कि वो पैदा न कर सके बच्चे.. बहुत कुछ हुआ सेक्यूलरिज्म के नाम पर

कथित सेक्यूलरिज्म के नाम पर जिहादी संक्रमण किस कदर दुनिया को अपने आगोश में लेता जा रहा है इसका बेहद ही भयावह तथा  हैरान करने वाला मामला श्रीलंका से सामने आया है. वो श्रीलंका जहाँ के होटलों तथा चर्चों पर 21 अगस्त को ईसाइयों के पर्व ईस्टर के दिन इस्लामिक आतंकियों ने भीषण सिलसिलेवार बम धमाके किये थे. इन आतंकी हमलों में करीब 300 लोग मारे गये थे.

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खबर के मुताबिक़, श्रीलंका में मुस्लिम समुदाय के एक डॉक्टर ने करीब चार हजार सिंहली बौद्ध महिलाओं को बिना बताए उनकी नसबंदी कर दी ताकि वह बच्चे पैदा न कर सकें. एक स्थानीय अखबार ने दावा किया है कि डॉक्टर ने बच्चे को जन्म देने के लिए ऑपरेशन कराने वाली महिलाओं की चोरी से नसबंदी की है. श्रीलंका के अखबार ‘दिवाइना’ ने 23 मई को यह दावा करते हुए अपने पहले पेज पर एक रिपोर्ट छापी थी. अखबार ने अपनी खबर में कथित तौर पर नसबंदी करने वाले डॉक्टर की पहचान उजागर नहीं की है, लेकिन कहा जा रहा है कि वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन नैशनल तौहीद जमात का सदस्य है जिस पर ईस्टर के मौके पर चर्चों और होटलों में बम धमाके कराने का आरोप है.

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‘दिवाइना’ के एडिटर-इन-चीफ अनुरा सोलोमोंस ने बताया कि उनके अखबार यह खबर पुलिस और अस्पताल के सूत्रों के आधार पर बनाई गई है. एक मुस्लिम डॉक्टर पर जबरन या फिर चोरी से बौद्ध महिलाओं की नसबंदी किए जाने के आरोप द्विपीय देश में लोगों को भड़काने वाले साबित हो सकते हैं. बता दें कि श्रीलंका में बहुसंख्यक बौद्ध धर्म के कट्टरपंथी मुस्लिमों पर अपनी आबादी को तेजी से बढ़ाने का आरोप लगाते रहे हैं, ऐसे में  मुस्लिम डॉक्टर द्वारा चोरी से 4000 महिलाओं की नसबंदी किया जाना उसकी जिहादी  मानसिकता तथा बौद्धों के आरोपों को सच साबित  करने के लिए काफी है.

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बता दें कि इस मामले से तनाव बढ़ गया है और सिंहली बौद्ध समुदाय के भिक्षओं ने पिछले दिनों शफी के अस्पताल कुरुनेगाला टीचिंग हॉस्पिटल के सामने प्रदर्शन भी किया है. अस्पताल के बाहर अपनी पत्नी का इंतजार कर रहे एक ड्राइवर प्रदीप कुमार ने कहा, ‘यदि आरोप सही साबित होते हैं तो साफ हो जाएगा कि सिंहली बौद्ध समुदाय को खत्म करना चाहते हैं.’ प्रदीप कुमार की पत्नी ने डॉक्टर के खिलाफ बयान दिया है और बताया है कि कैसे 11 साल पहले ऑपरेशन से उसकी डिलिवरी कराई गई थी. प्रदीप ने बताया कि ऑपरेशन से बच्चा हुआ था, लेकिन इस खबर को सुनने के बाद उनकी चिंता बढ़ गई है. उन्होंने कहा कि वे बीते 6 साल से बच्चे के लिए ट्राई कर रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी. उन्होंने जहा कि ये बौद्धों के खिलाफ साजिश है ताकि बौद्धों को ख़त्म किया जा सके.

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