तूफ़ान से बचने के लिए चर्च में ठिकाना बना लिया मुसलमानों ने .. वो देश जहाँ 57 % है ईसाई और 17 % है मुसलमान

अभी हाल में ही श्रीलंका के चर्चो में इस्लामिक आतंकियों द्वारा किये गये सीरियल ब्लास्ट के बाद दुनिया भर के ईसाइयों और मुसलमानों के बीच धर्मयुद्ध जैसा छिड़ा दिखाई देने लगा था . श्रीलंका से पहले ये घटना न्यूजीलैंड में हुई थी जहाँ मस्जिद में घुस कर कई मुसलमानों का नरसंहार किया गया था जिसके बाद ये नफरत की आग और ज्यादा भडक गयी थी . इसके साथ ही भारत तक के चर्चो की सुरक्षा और कड़ी कर दी गयी थी . लेकिन चर्चो से जुड़ा एक और मामला आया है सामने अब .

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विदित हो कि ये मामला है पूर्वी अफ्रीका के देश मोजाम्बिक का जहाँ पर आज कल तेज तूफ़ान का कहर है .. इस तूफ़ान के चलते वहां पर शरणार्थी बने तमाम मुसलमानों के घर तबाह हो गये हैं . इसमें से वो भी हैं जो नईजिरिया और सूडान जैसे देशों के गृहयुद्ध से भाग कर वहां पर शरण लिए हुए हैं . अभी हाल में ही मोजाम्बिक एक भयानक तूफ़ान केनेथ के कहर से गुजरा है जिसके बाद वहां भारी तबाही और बाढ़ के हालत हैं . उसमे कई घर बह गये हैं और तमाम लोगों की मौतें हुई हैं .

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इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं वो मुसलमान जो दूसरे देशो से वहां आ कर शरण लिए हुए हैं . उनके अस्थाई निवास जब बह गये तब उन्होंने एक साथ एक जुट हो कर वहां के एक बड़े चर्च की तरफ कूच किया और अब उसी चर्च में अपना ठिकाना बना लिया है .  उत्तरी मोजाम्बिक का ये चर्च कैथोलिक ईसाइयों का है . फ़िलहाल मोजाम्बिक ऐसा अफ्रीकन देश है जहाँ पर ईसाइयों की संख्या लगभग 57 प्रतिशत है और मुसलमानों की संख्या कुल आबादी का लगभग 17 प्रतिशत ही है ..

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