जिद पर अड़ गये सिर्फ 2 मुस्लिम स्टाफ और झुक गया महाशक्तिशाली अमेरिका भी.. ऐसी मांग उठ चुकी है भारत के भी कई विभागों में

उन्होंने उस नौकरी को पाने के लिए हर नियम और कानून को पालन करने की बात कही थी . फार्म में भी हस्ताक्षर किया था कि जो नियम वहां के होंगे वो अक्षरश: मानेंगे भी . शुरू में सब ठीक चला , फिर दो अलग अलग लोग आपस में मिल गए और दोनों ने मिल कर छेड़ दी अपनी ही संस्था के खिलाफ बागवत और नौकरी को वहां के नियम के साथ साथ अपने भी नियम और अपने मजहबी कायदों के हिसाब से भी करने की बात कह डाली और जब रोका गया तो खड़ा कर दिया हंगामा ..

भगवा आतंकवाद कहने वाले शरद पवार की पार्टी NCP के 6 बार के विधायक ने ही ओढ़ लिया भगवा.. “जय श्री राम” बोल कर शामिल हो गये शिवसेना में

ध्यान देने योग्य है कि इस से पहले भारत में भी कई ऐसे मामले पुलिस आदि में आये हैं जहाँ मुस्लिम लोग दाढ़ी रखने की मांग को ले कर अपने ही अधिकारियो के खिलाफ अदालत तक चले गये थे.. अब ठीक वैसा ही मामला देखने को मिल रहा है अमेरिका में भी और यहाँ पर तो झुका दिया गया उन अधिकारियो को जो दाढ़ी रखने से मना कर रहे थे.. अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में दाढ़ी रखने और उसको कटाने से साफ़ इनकार करने पर दो मुस्लिम स्टाफ नौकरी से निकाल दिए गये थे .

मोदी जी और अमित शाह के अंदाज में आये मुख्यमंत्री खट्टर.. जल्द ही हरियाणा में भी दिखेगा दिल्ली का अंदाज

लेकिन बाद में उन्होंने पूरी दुनिया का दबाव बनाया और अंत में उन दोनों मुस्लिम जेल अधिकारियों को वापस नौकरी पर रख लिया गया.. इसको अमेरिका में मुस्लिम समाज की बड़ी जीत माना जा रहा है.. इसके बाद कई अन्य विभागों में भी ऐसी ही मांग के साथ एक बड़ा अभियान शुरू हो सकता है . डच काउंटी के ‘फिशकिल जेल’ के जेल अधिकारी ब्रायन सुगरिम और डेविड फेलिसियानो ने जेल एवं सामुदायिक निगरानी विभाग के खिलाफ एक संघीय मुकदमा दर्ज कराया था जिसके एक दिन बाद यह कदम उठाया गया है।

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए हमें सहयोग करें. नीचे लिंक पर जाऐं–

Share This Post