श्रीलंका के राष्ट्रपति का पुलिस को ऐसा आदेश जिस से काँप उठे कट्टरपंथी.. भारत में तो घोषणा हुई है अफ्स्पा हटाने की

एक कहावत है कि एक ही पत्थर से जब दूसरी बार ठोकर लगे तो गलती चलने वाले की ही है. भले ही कुछ देशो में ठोकरों को ही सहनशीलता का पैमाना बना दिया गया हो लेकिन कुछ देश ऐसे भी हैं जो अब ठोकर खाने के बजाय ईंट का जवाब पत्थर से देने की तैयारी करना शुरू कर दिए हैं . ज्ञात हो कि श्रीलंका में ब्लास्ट कर के इस्लामिक आतंकियों ने ऐसी गलती कर डाली है जो शायद उनके लिए ही नहीं उनके जैसों के लिए बहुत भारी पड़ने वाली है .

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ज्ञात हो कि आतंकी हमलों और उसके बाद लगातार ब्लास्ट आदि को जान कर श्रीलंका के राष्ट्रपति श्रीसेना ने पुलिस को आदेश दिया है कि पूरे श्रीलंका का एक भी घर ऐसा न बचे जिसकी तलाशी न हुई हो .. श्रीलंका के राष्ट्रपति ने पुलिस को पूरा अधिकार देते हुए साफ़ साफ आदेश दिया है कि वो आतंक और आतंकी के खिलाफ पूरी तरह से स्वतंत्र है और वो पूरे देश का एक भी घर ऐसा न छोड़े जिसकी बाकायदा तलाशी न हुई हो .. भले ही वो किसी का नहाने का कमरा हो या बेडरूम .

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इतना ही नहीं , पुलिस अब श्रीलंका के एक एक धर्मस्थल को भी बारीकी से तलाशेगी और जिसमे भी जरा सा कुछ संदिग्ध लगा उसको पुलिसिया अंदाज़ में निबटेगी . शासन के आदेशो के अनुसार अब आतंक या आतंकी हरकत में किसी भी प्रकार की संलिप्तता की कहीं से भी कोई भी सुनवाई नहीं होनी है और उनकी पैरवी करने वाला भी बराबर का दोषी माना जायेगी . इतना ही नहीं सेनाओ को सीमा पर सतर्क कर दिया गया है कि कहीं से किसी भी हाल में कोई बाहरी श्रीलंका की सीमा में घुस न पाए . फिलहाल भारत में कांग्रेस के मेनिफेस्टो में सेना और पुलिस के अधिकारों के कटौती करने और अफ्स्पा जैसे कानून पर संसोधन करने के दावे किये गये हैं जबकि भारत श्रीलंका से भी बड़ा आतंक प्रभावित देश है .

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